कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च के दौरान हंगामा और हिरासत की घटनाएं
दिल्ली के प्रसिद्ध कनॉट प्लेस क्षेत्र में आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान भारी तनाव और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस प्रदर्शन में शामिल कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में नारेबाजी की, जबकि वहीं दूसरी ओर पालिका बाजार के दुकानदारों ने इस प्रदर्शन का विरोध किया। उन्होंने दिल्ली पुलिस का समर्थन करते हुए भी नारे लगाए, जिससे माहौल गरम हो गया। इस दौरान ‘मोदी-मोदी’ के नारे भी सुनाई दिए, जो राजनीतिक माहौल को और गर्म कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों की हिरासत और विरोध प्रदर्शन की स्थिति
जैसे ही प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा बढ़ने लगा, दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया। इसके बाद भी इलाके में विरोध-प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शन में शामिल वामपंथी छात्र संगठनों के सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया, जिनमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा भी शामिल हैं। इस घटना के बाद, प्रदर्शनकारियों का हौसला कम नहीं हुआ और वे अपने विरोध प्रदर्शन को जारी रखते रहे।
व्यापारियों का विरोध और राजनीतिक नारेबाजी
कनॉट प्लेस में इस घटनाक्रम के दौरान पालिका बाजार के व्यापारियों ने जोरदार नारेबाजी की। उन्होंने तिरंगा मार्च का विरोध करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दिल्ली पुलिस के समर्थन में नारे लगाए। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में भी प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की। यह घटना राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बन गई, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही।











