कनॉट प्लेस में तिरंगा यात्रा की तैयारी और विरोध प्रदर्शन
दिल्ली के कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा यात्रा से पहले पुलिस ने झांसी रोड के पास झंडेवालान क्षेत्र में सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के घर पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। दिपके ने आज ही तिरंगा यात्रा का आयोजन करने का ऐलान किया है, जिससे राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन और मतदाता सूची में अनियमितता का आरोप
सीजेपी का उद्देश्य तिरंगा लहराकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराना है। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में हुई अनियमितताओं को लेकर है, जिन पर विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं। इस संदर्भ में, प्रदर्शनकारियों का मानना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है।
दिल्ली पुलिस की रोकथाम और व्यापारियों की आपत्तियां
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और उसके आसपास लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए नागरिकों से मार्च में भाग लेने से परहेज करने को कहा है। पुलिस का तर्क है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत इन प्रतिबंधों का पालन अनिवार्य है।
वहीं, नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने सीजेपी के विरोध प्रदर्शन से पहले ही सवाल उठाए हैं कि आखिर क्यों प्रदर्शनकारियों को केवल कनॉट प्लेस में ही प्रदर्शन करना चाहिए। संगठन का कहना है कि यह क्षेत्र व्यापारिक केंद्र है और विरोध प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थान नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें विरोध का अधिकार है, तो उन्हें अपनी आजीविका कमाने का भी अधिकार है। इसलिए, प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थानों पर जाकर अपनी बात रखनी चाहिए, ताकि आम जनता और व्यापारिक गतिविधियों में बाधा न आए।
NDTA ने यह भी आग्रह किया है कि त्योहारों के मौसम में शांति बनाए रखें और सार्वजनिक सेवाओं में बाधा न डालें, ताकि जनता को परेशानी न हो और सरकारी राजस्व भी सुरक्षित रहे।









