दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को हिरासत में लिया
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया है, जब वह तिरंगा मार्च के लिए अपने घर से निकले थे। हिरासत से पहले, अभिजीत ने स्पष्ट किया कि वह अकेले ही प्रदर्शन में भाग लेने जा रहे हैं और लगातार पूछते रहे कि वह कहां जा रहे हैं। उन्होंने बार-बार पूछा, “मैंने क्या गलत किया है?”।
अभिजीत एनसीपी-एससीपी के प्रवक्ता अनीश गावंडे के आवास से निकले ही थे कि पुलिस ने उन्हें रोक लिया। एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें बताया कि यह एहतियाती कदम है और कनॉट प्लेस में धारा 163 लागू होने के कारण उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शन पर प्रतिबंध
कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शन से पहले ही अभिजीत दिपके को नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उन्हें बिना अनुमति प्रदर्शन करने से मना किया गया है। इस इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जिसमें रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवान भी शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी व्यक्ति ने उनसे मिलने का प्रयास नहीं किया है और न ही कोई विशेष अनुमति दी गई है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी यह जानकारी साझा की है कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने के नियम फ्लैग कोड में दिए गए हैं, और हर नागरिक को उनका पालन करना चाहिए।
पिछली हिरासत और कानूनी कदम
इससे पहले भी, दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को एयरपोर्ट से हिरासत में लिया था। उस समय उन्हें कोर्ट ने 50 हजार रुपये के पीस बॉन्ड पर रिहा किया था और एक साल तक सार्वजनिक शांति भंग न करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद, सीजेपी ने तिरंगा मार्च जारी रखने का फैसला किया है। पार्टी ने अपने समर्थकों से आग्रह किया है कि वे पांच से कम लोगों के समूह में कनॉट प्लेस पहुंचें, राष्ट्रीय ध्वज के साथ तस्वीरें लें और फिर वापस चले जाएं।
पार्टी ने यह भी कहा है कि तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है और #LeharaDoTiranga हैशटैग के साथ अपने समर्थन का प्रचार किया है।










