दिल्ली में भीषण गर्मी का कहर जारी, तापमान रिकॉर्ड स्तर पर
राजधानी दिल्ली इस समय अत्यधिक गर्मी की चपेट में है, जहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण आम जनता का घर से बाहर निकलना कठिन हो गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में मध्यम से गंभीर हीटवेव की चेतावनी जारी की है, जिससे तापमान में और वृद्धि की संभावना है।
गर्मी के बढ़ते प्रकोप के साथ ही दिल्ली के अस्पतालों में हीट स्ट्रेस से संबंधित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड में डिहाइड्रेशन, थकान, चक्कर, कमजोरी और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के मरीज लगातार पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ हफ्तों में इन मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
हीट स्ट्रेस और डिहाइड्रेशन के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी
डॉक्टरों का कहना है कि दिल्ली में रोजाना 15 से 25 हीट रिलेटेड केस अस्पतालों में दर्ज हो रहे हैं। इनमें से कुछ मरीजों को गंभीर स्थिति में भर्ती करना पड़ रहा है। यदि समय पर उपचार नहीं किया गया, तो ब्रेन, किडनी और हृदय पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
विशेषज्ञों ने बताया कि इन मरीजों में शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ जाना, मानसिक स्थिति में बदलाव और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है, नहीं तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वालों को खतरा अधिक
डॉ. आरएस मिश्रा के अनुसार, सबसे अधिक खतरे में 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, बाहर काम करने वाले युवा और बच्चे हैं। लगातार तेज धूप में रहने और पर्याप्त पानी न पीने से स्थिति और भी खराब हो रही है। त्वचा से जुड़ी समस्याएं जैसे हीट रैश, सनबर्न और फोड़े भी बढ़ रहे हैं। साथ ही डिहाइड्रेशन के कारण गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मामले भी बढ़ रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि अचानक मौसम में बदलाव जैसे बारिश के बाद तेज गर्मी शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकती है। इससे शरीर का तापमान असंतुलित हो जाता है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बुजुर्ग और पहले से बीमार मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।










