दिल्ली में स्मार्ट LED स्ट्रीटलाइट्स का बड़ा प्रोजेक्ट शुरू
दिल्ली सरकार ने शहर की सड़कें और गलियां बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए 93,000 स्ट्रीटलाइट्स को अत्याधुनिक स्मार्ट LED लाइटों में बदलने का निर्णय लिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पांच वर्षों में लगभग 300 करोड़ रुपये की बिजली की बचत करना है। यह परियोजना पूरी तरह से EMI और परफॉर्मेंस आधारित मॉडल पर आधारित होगी, जिसमें रियल-टाइम निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत नियंत्रण केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।
स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम से ऊर्जा और सुरक्षा में सुधार
यह परियोजना दिल्ली के पीडब्ल्यूडी (Public Works Department) के लगभग 1400 किलोमीटर लंबे सड़क नेटवर्क पर लागू की जाएगी। इसमें पुरानी सोडियम और खराब हो चुकी एलईडी लाइटों को हटाकर नई स्मार्ट लाइटें लगाई जाएंगी। साथ ही, उन स्थानों पर जहां अंधेरा रहता है, वहां 5000 नए प्रकाश स्तंभ लगाए जाएंगे। इन स्मार्ट लाइटों की खासियत यह होगी कि इन्हें मौसम के अनुसार या आवश्यकतानुसार धीमा या तेज किया जा सकेगा। खराब मौसम में इनकी रोशनी को कंट्रोल रूम से ही नियंत्रित किया जा सकेगा।
रियल-टाइम मॉनिटरिंग और बिजली की बचत का लक्ष्य
सरकार ने इस परियोजना के लिए पीडब्ल्यूडी मुख्यालय में एक केंद्रीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। इस सेंटर में 75 इंच की दो बड़ी स्क्रीन और विशेष सॉफ्टवेयर लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से दिल्ली के सभी 93,000 स्मार्ट LED लाइटों की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी। इससे यह पता चल सकेगा कि कौन सी लाइटें चालू हैं और कौन सी खराब हैं, और तुरंत आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी। इस योजना के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, और अगले दो हफ्तों में कार्यान्वयन का काम शुरू हो जाएगा।
वित्त विभाग का अनुमान है कि स्मार्ट LED सिस्टम से बिजली की खपत में भारी कमी आएगी, जिससे पांच वर्षों में लगभग 300 करोड़ रुपये की बचत संभव होगी। सरकार का दावा है कि इस कदम से न केवल ऊर्जा की बचत होगी, बल्कि दिल्ली की सड़कें भी हाईटेक और सुरक्षित बनेंगी।











