इंदौर में राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना धार्मिक प्रतीक
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में एक अनोखी राजनीतिक घटना देखने को मिली है, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया है। यहां सर्किट हाउस पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कम्युनिस्ट पार्टी के नेता के बीच हुई मुलाकात के दौरान एक विशेष दुपट्टा चर्चा का विषय बन गया। वामपंथी विचारधारा से जुड़े नेता के गले में मौजूद ‘ओम नमः शिवाय’ लिखे दुपट्टे को देखकर दिग्विजय सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी, जो चर्चा का विषय बन गई।
कम्युनिस्ट नेता का धार्मिक प्रतीक और राजनीतिक प्रतिक्रिया
यह मुलाकात इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के पूर्व उपाध्यक्ष और कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य राजेश शर्मा के साथ हुई थी, जो व्यक्तिगत या राजनीतिक कारणों से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह से मिलने आए थे। इस दौरान शर्मा ने अपने गले में एक खास दुपट्टा पहना था, जिस पर स्पष्ट रूप से ‘ओम नमः शिवाय’ लिखा हुआ था। जब दिग्विजय सिंह की नजर उस धार्मिक संदेश पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत ही उस पर सवाल उठाते हुए पूछा कि एक वामपंथी (कम्युनिस्ट) नेता का इस तरह का धार्मिक प्रतीक से क्या संबंध है।
राजनीतिक माहौल में चर्चाओं का दौर जारी
दिग्विजय सिंह की इस टिप्पणी के बाद से ही स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। विश्लेषकों का मानना है कि वामपंथी विचारधारा मुख्य रूप से भौतिकवाद और मार्क्सवाद पर आधारित होती है, जिसमें धर्म और ईश्वर का स्थान कम होता है। ऐसे में एक कम्युनिस्ट नेता के गले में धार्मिक प्रतीक वाला दुपट्टा देखकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता का यह सवाल स्वाभाविक माना जा रहा है। वर्तमान में यह मुलाकात और दिग्विजय सिंह की प्रतिक्रिया शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।










