मुजफ्फरपुर में साइबर ठगी का खुलासा: 17 लाख की धोखाधड़ी
मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) में साइबर अपराधियों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 17 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने खुद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और पुलिस अधिकारी बताकर व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से धमकाया और पीड़ित से पैसे ट्रांसफर कराए।
साइबर अपराध की जांच और गिरफ्तारी
पीड़ित से डर और दबाव बनाकर आरोपियों ने अपने खातों में करीब 17 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इस जालसाजी की घटना ने साइबर अपराध की गंभीरता को उजागर किया है। साइबर थाना ने इस मामले में केस संख्या 58/26 दर्ज कर जांच शुरू की। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी जांच के साथ संदिग्ध बैंक खातों का विश्लेषण किया।
आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गोरौल (Goroul) थाना क्षेत्र के निवासी ब्रजेश कुमार और कृष्णा कुमार को गिरफ्तार किया। साथ ही मुजफ्फरपुर के मनियारी (Maniyari) थाना क्षेत्र के विक्रम कुमार को भी हिरासत में लिया गया। आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, 13 चेकबुक, पासबुक, तीन डेबिट कार्ड और कई बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जांच में पता चला है कि इन खातों से देश के विभिन्न राज्यों में कई शिकायतें जुड़ी हुई हैं, जिससे गिरोह के नेटवर्क के व्यापक होने का संकेत मिलता है। फिलहाल, पुलिस फरार सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और मामले की आगे की कार्रवाई जारी है।










