बिहार में छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई का तनाव बढ़ा
नीट पेपर लीक मामले और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का गुस्सा अब बिहार तक फैल चुका है। युवा वर्ग में बढ़ते गुस्से की आग अब बेकाबू होती नजर आ रही है। बुधवार और गुरुवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में छात्रों और विपक्षी दलों का प्रदर्शन अचानक हिंसक रूप ले लिया।
बिहार के विभिन्न शहरों में हिंसक प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई
पटना के बाद अब दरभंगा, कटिहार, बेगूसराय और जहानाबाद जैसे शहरों में स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है। कहीं भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने ताबड़तोड़ लाठीचार्ज किया, तो कहीं हवाई फायरिंग और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। दरभंगा के कर्पूरी चौक से लहेरियासराय टावर चौक तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला गया था, लेकिन अचानक हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। जुलूस समाप्त होने के बाद लोहिया चौक के पास कुछ उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।
दरभंगा, कटिहार और जहानाबाद में हिंसक घटनाएं और पुलिस का सख्त रवैया
दरभंगा में उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। डीएम कौशल कुमार ने बताया कि सीसीटीवी और वीडियो फुटेज से पत्थरबाजों की पहचान की जा रही है, और प्रदर्शन के आयोजकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कटिहार में कलेक्ट्रेट के बाहर छात्रों ने तोड़फोड़ की और पुलिस पर ईंट-पत्थर से हमला किया। इस हमले में अंचल अधिकारी सोनू भगत को गंभीर चोट आई है। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।
जहानाबाद में हिंसक प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को 10 राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी। ड्रोन कैमरों की मदद से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। वहीं, बेगूसराय में भी प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
पटना में हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 117 उपद्रवियों की तस्वीरें जारी की हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। तीन थानों में कुल 268 नामजद और लगभग 2500 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अब तक 56 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी और वीडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से बाकी आरोपियों की पहचान की जा रही है।











