गुरुग्राम के DLF फेज-3 में अवैध रिहायशी निर्माण का खुलासा
गुरुग्राम के सबसे प्रतिष्ठित इलाकों में से एक DLF फेज-3 में हाल ही में एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (DTCP) की टीम ने भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ अमलतास अपार्टमेंट्स पर छापा मारा। इस कार्रवाई का कारण था कि यहां नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से रिहायशी क्षेत्र में पीजी (पब्लिक जॉइंट हॉस्टल) संचालित हो रहा था, जिसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
अवैध निर्माण और नियमों का उल्लंघन
आम तौर पर गुरुग्राम में रिहायशी प्लॉटों पर चार मंजिला मकान बनाने की अनुमति केवल तभी मिलती है जब हर मंजिल पर एक ही परिवार रहता हो, यानी पूरे भवन में कुल चार परिवार ही रह सकते हैं। लेकिन अमलतास अपार्टमेंट्स में हर मंजिल पर नौ कमरे बनाए गए थे। एक मंजिल पर एक परिवार की जगह नौ-नौ कमरे बनाए गए थे। बेसमेंट से लेकर चौथी मंजिल तक कुल 45 कमरे थे, जिनमें से प्रत्येक के साथ ही टॉयलेट भी जुड़ा हुआ था।
प्रशासनिक कार्रवाई और संभावित खतरें
जिला नगर योजनाकार (DTP) अमित मधोलिया ने बताया कि इस अवैध संपत्ति को खाली करने के लिए पहले ही नोटिस जारी किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में हाल ही में हुए दर्दनाक अग्निकांड का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसी ओवरलोडेड और अवैध इमारतों में कोई आपातकालीन स्थिति या आग लगने की घटना होती है, तो गुरुग्राम में भी बड़ी त्रासदी हो सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि हाईकोर्ट के आदेशों और 2024 तथा अगस्त 2025 में किए गए री-सर्वे के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। मकान मालिक के खिलाफ जल्द ही कानूनी कार्रवाई और FIR भी दर्ज कराई जाएगी। इस दौरान बिजली विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर ही खंभे से मीटर के तार काट दिए।
अवैध पीजी में कई महिलाएं, लड़कियां और स्टूडेंट्स अपने परिवारों के साथ रह रहे थे। अचानक इस सीलिंग की खबर से वहां रहने वाले लोग परेशान हो गए। उनका सवाल था कि अब वे अपने सामान के साथ कहां जाएं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि गुरुग्राम के DLF फेज 1, 2, 3, 4 और 5 में बिना अनुमति के चल रही किसी भी रिहायशी इमारत में पीजी, जिम, सैलून या अस्पताल जैसी व्यावसायिक गतिविधियों को बख्शा नहीं जाएगा।











