दिल्ली में वोटर लिस्ट अपडेट का विशेष अभियान जारी
दिल्ली में वोटर लिस्ट को अद्यतन करने के लिए एक व्यापक और विशेष रिवीजन सर्वे चलाया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत बुधवार तक लगभग दस लाख फॉर्म वितरित किए गए हैं, जिनमें से करीब 32 हजार फॉर्म डिजिटल रूप से भरे गए हैं। यह आंकड़ा दिल्ली के कुल वोटरों का लगभग सात प्रतिशत है। सर्वे में सबसे अधिक फॉर्म नॉर्थ ईस्ट जिले में वितरित किए गए, जबकि डिजिटल फॉर्म बनाने में साउथ वेस्ट जिला सबसे आगे रहा। वहीं, पुरानी दिल्ली में इस कार्य में सबसे कम प्रगति हुई है।
रहवास और वोटर लिस्ट में असमान्य स्थिति
पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी के रानी गार्डन क्षेत्र में एक ही घर नंबर पर दो या तीन मकान पाए जाते हैं। यहां करीब 325 झुग्गियां A-1 से A-325 तक क्रमबद्ध हैं। वर्षों में परिवार बढ़ने, घर बंटने और नई इमारतें बनने के बावजूद, इन मकानों के नंबर पुराने ही बने रहे। बूथ स्तर के अधिकारी बंकी लाल, जो इस इलाके में 2016 से कार्यरत हैं, बताते हैं कि जब वे जांच के लिए जाते हैं, तो कई बार एक ही नंबर पर दो या तीन अलग-अलग प्रॉपर्टी मिलती हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि ये सभी परिवार एक ही हैं, जिससे पहचान करना कठिन हो जाता है।
वोटर लिस्ट में नाम जुड़ने और हटाने की प्रक्रिया
स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता नूर मोहम्मद के अनुसार, इस क्षेत्र में कुल 853 वोटर हैं, जिनमें से पिछले छह महीनों में लगभग 330 नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जो लोग स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं, उनके नाम वर्षों तक वोटर लिस्ट में बने रहते हैं। कई बार घर न होने के बावजूद वोटर पर्ची लेकर जाने पर भी, यदि घर पर कोई नहीं मिलता, तो भी पर्ची छोड़ दी जाती है, क्योंकि हो सकता है कि वह व्यक्ति लौट आए। यदि बार-बार जांच के बावजूद पता अपडेट नहीं होता, तो चुनाव आयोग के नियम के अनुसार नाम हटा दिया जाता है। साथ ही, कई वोटर कार्ड पर अभी भी बचपन की तस्वीर लगी होती है, जिसे बदलवाने का भी निर्देश दिया गया है।










