खरगोन जिले में दूषित पेयजल संकट ने मचाई हलचल
खरगोन (Kharagone) जिले के मंडलेश्वर क्षेत्र में दूषित पेयजल ने स्थानीय लोगों में चिंता और हड़कंप मचा दिया है। यह घटना उस समय सामने आई जब वार्ड नंबर 8 में रहने वाले कई परिवारों में बीमारियों का प्रकोप फैलने लगा। प्रशासन ने तुरंत ही इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
गंदे पानी से हुई बीमारियों की शुरुआत और प्रशासन का कदम
मंडलेश्वर के वार्ड नंबर 8 में सप्लाई हो रहे मटमैले और प्रदूषित पानी के कारण लगभग 14 लोग उल्टी, दस्त, पेट में छाले और पेट दर्द जैसी समस्याओं से जूझने लगे। जब यह मामला प्रशासन तक पहुंचा, तो तहसीलदार और सीएमओ तुरंत ही मौके पर पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित लोगों का उपचार किया और आवश्यक दवाइयां वितरित कीं। इस दौरान नायब तहसीलदार संजय बावेल, सीएमओ संजय रावल, पार्षद नितिन पाटीदार और पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि मनोज शर्मा भी घटनास्थल पर मौजूद रहे।
स्थानीय लोगों की शिकायतें और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
पानी में मिलावट की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। पार्षद नितिन पाटीदार के अनुसार, प्रभावित परिवारों में बनारस बाई, आयुष, योगिता, सुमन बाई, जगदीश, दिलीप और विजय जैसे कई सदस्य शामिल हैं, जो पेट दर्द और दस्त से पीड़ित हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मंडलेश्वर के डॉ. स्वप्निल श्रीवास्तव ने बताया कि प्रभावित लोगों को प्राथमिक उपचार दिया गया है और स्थिति अब नियंत्रण में है। तहसीलदार संजय बावेल ने कहा कि जलप्रदाय के दौरान शुरू में ही पानी गंदा आ रहा था, और पाइपलाइन की जाँच की जा रही है। शिकायतें मिल रही हैं कि तीन-चार दिनों से लोगों की तबीयत खराब हो रही है, और पानी में लीकेज या अन्य स्रोतों से प्रदूषित पानी आ रहा है। जिला प्रशासन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है, क्योंकि दूषित पानी की सप्लाई से स्वास्थ्य खतरे में पड़ सकते हैं।











