मणिपुर में सरकार गठन की नई कोशिशें तेज
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन हटाने और नई सरकार बनाने के प्रयासों में तेजी देखी जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक दिल्ली में केंद्रित होकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मिलकर सरकार बनाने की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। इस संदर्भ में सूत्रों ने बताया है कि मणिपुर में सरकार बनाने के लिए कई मेतेई विधायक सक्रिय रूप से कुकी विधायकों से संपर्क कर रहे हैं, ताकि राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
मणिपुर के विधायक और राजनीतिक समीकरण
खबरें हैं कि मणिपुर विधानसभा के स्पीकर सत्यब्रत ठाकुर, विधायक ब्रोजन पाओनाम (वांगजिंग तेंथा) और रोबिंद्रो टोंगब्राम ने दिल्ली में पूर्व कुकी मंत्री लेतपाओ हाओकिप से मुलाकात की है। इन विधायकों का कहना है कि वे बिहार विधानसभा चुनाव के बाद से ही पार्टी नेतृत्व को मणिपुर में सरकार बनाने के लिए मनाने का प्रयास कर रहे हैं।
शीर्ष नेताओं से मिलकर सरकार बनाने का प्रयास
आज भाजपा के पांच प्रमुख विधायक बी.एल. संतोष से मिल रहे हैं, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह, टीएच बिस्वजीत सिंह, गोविंददास कोंथौजम, टीएच सत्यव्रत और इबोमचा के. शामिल हैं। इन नेताओं के करीबी सूत्रों ने बताया कि वे पार्टी को भरोसा दिला रहे हैं कि मणिपुर में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और अब सरकार बनाने का उपयुक्त समय है।
मणिपुर में राजनीतिक और सुरक्षा घटनाएं
मणिपुर में हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुई हैं। इनमें 16 कुकी गांवों के प्रधानों ने म्यांमार (Myanmar) सीमा पर बाड़ लगाने का विरोध किया है। इसके अलावा, चंदेल जिले में 53.8 करोड़ रुपये का नशीला पदार्थ जब्त किया गया है, जिसमें दो तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं। साथ ही, दो उग्रवादी और एक हथियार तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से आईईडी बनाने का सामान बरामद हुआ है।
सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधित घटनाएं
इंफाल (Imphal) के RIMS अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद हंगामा मच गया है। इस घटना में अस्पताल के सीनियर डॉक्टर पर लोगों ने हमला किया है। इन घटनाओं के बीच, मणिपुर में राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा चुनौतियों का सामना जारी है।











