मध्य प्रदेश में मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर राजनीति गरमाई
मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर मंत्री विजय शाह का नाम विवादों में आ गया है। कांग्रेस ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में उनकी तत्काल बर्खास्तगी की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को दो सप्ताह का समय दिया है ताकि वह उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति प्राप्त कर सके।
सुप्रीम कोर्ट ने जांच प्रक्रिया को दी मंजूरी और रिपोर्ट का इंतजार
शीर्ष अदालत की बेंच जिसमें चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्य बागची शामिल हैं, ने कहा कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। हालांकि, आगे की कार्रवाई फिलहाल स्थगित कर दी गई है क्योंकि रिपोर्ट को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 के तहत राज्य सरकार से मंजूरी मिलना जरूरी है। यह मामला सांप्रदायिक नफरत और दुर्भावना को बढ़ावा देने से जुड़ा है। मंत्री विजय शाह को SIT की जांच का सामना करना पड़ा है, जिसमें उन्होंने कर्नल कुरैशी को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।
मामले की गंभीरता और कानूनी कार्रवाई
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया था और शाह की भाषा को ‘गंदी भाषा’ करार देते हुए उनके खिलाफ इंदौर के मानपुर थाने में FIR दर्ज करने का आदेश दिया। आरोप है कि शाह ने महिला की मर्यादा का उल्लंघन किया और समुदायों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज है। वर्तमान में शाह मध्य प्रदेश सरकार में जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन और भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के मंत्री हैं।











