यमुना एक्सप्रेसवे पर अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने अपने अधिसूचित क्षेत्र में अवैध कब्जों और कॉलोनियों के निर्माण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की है। इस अभियान का नेतृत्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देशों के अनुरूप किया गया, जिसमें जिलाधिकारी और एसएसपी अलीगढ़ का भी समर्थन प्राप्त रहा। विशेष कार्याधिकारी (OSD) शैलेंद्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में टप्पल, हामिदपुर और स्यारोल गांवों में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया।
अतिक्रमण हटाने में मिली सफलता और बाजार मूल्य का अनुमान
इस अभियान के दौरान लगभग 300 एकड़ अधिसूचित भूमि को कब्जामुक्त कराया गया, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 1200 करोड़ रुपये है। इस दौरान ‘द ग्रैंड कॉलोनाइजर’ और ‘वृंदावन कॉलोनी’ जैसी अवैध कॉलोनियों को जेसीबी मशीनों की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सरकार की सख्त नीति का हिस्सा है, जिससे क्षेत्र में अवैध निर्माण पर रोक लगाई जा सके।
प्राधिकरण का निरंतर अभियान और कानूनी चेतावनी
YEIDA के OSD शैलेंद्र कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि अवैध अतिक्रमण और कॉलोनियों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भूमाफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने जनता से अपील की कि वे फर्जी कॉलोनाइजर और प्रॉपर्टी डीलरों से सतर्क रहें। इस कार्रवाई में विशेष कार्याधिकारी शिवअवतार सिंह, अभिषेक शाही, कृष्ण गोपाल त्रिपाठी, पुलिस क्षेत्राधिकारी महेश कुमार, YEIDA पुलिस के क्षेत्राधिकारी धर्मेंद्र कुमार चौहान और अलीगढ़ प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। इस सख्त कदम से क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों के माफियाओं में हड़कंप मच गया, जबकि स्थानीय लोगों ने इसे साहसिक और प्रशंसनीय कदम माना।











