जबलपुर स्मार्ट सिटी में विवाद की जड़ें और प्रमुख घटनाएँ
जबलपुर (Jabalpur) की स्मार्ट सिटी परियोजना में चल रहा विवाद अब सार्वजनिक हो चुका है, जिसमें मुख्य रूप से सीईओ अरविंद शाह (IAS) और कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस विवाद का केंद्र महिला कर्मचारी दिलप्रीत भल्ला का शपथ पत्र है, जिसमें उन्होंने स्मार्ट सिटी के अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
महिला कर्मचारी ने मुख्यमंत्री (CM) मोहन यादव को लिखी चिट्ठी में बताया कि आईएएस अरविंद शाह ने उन्हें अपमानित किया और कहा कि “तू दो कौड़ी की कर्मचारी है”। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मार्च 2026 का वेतन अप्रैल 2026 तक उनके खाते में नहीं आया है, जबकि सामान्यतः वेतन महीने की शुरुआत में ही मिल जाता है। जब उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रशासनिक अधिकारी रवि राव से बात की, तो पता चला कि वेतन उनके वेतन रोकने के आदेश के कारण नहीं मिल रहा है।
वेतन विवाद और अधिकारी का अभद्र व्यवहार
महिला कर्मचारी ने जब वेतन भुगतान का अनुरोध किया, तो सीईओ ने कथित तौर पर उन्हें अपमानित करते हुए कहा कि “तुम्हें कभी काम करते नहीं देखा”। जब उसने हाजिरी चेक करने का प्रस्ताव रखा, तो अधिकारी ने अभद्रता से चेंबर से बाहर जाने का आदेश दे दिया।
शपथ पत्र में यह भी उल्लेख है कि 22 अप्रैल को मंत्री राकेश सिंह के हस्तक्षेप के बाद जब सीईओ ने कर्मचारी को अपने चेंबर में बुलाया, तो माहौल और भी गरम हो गया। महिला कर्मचारी ने लिखा कि सीईओ ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी मंत्री की बात नहीं मानते और दबाव में काम नहीं करते। जब वह रोते हुए बाहर निकली, तो अरविंद शाह ने मंत्री राकेश सिंह के लिए भी अपशब्द कहे और कहा, “मैं मंत्री को भी देख लूंगा।” इस शिकायत की कॉपी जबलपुर कलेक्टर और स्मार्ट सिटी चेयरमैन को भी भेजी गई है।
विवाद की मुख्य वजहें और आरोपों का सार
यह विवाद तब उभरा जब अरविंद शाह ने आरोप लगाया कि मंत्री राकेश सिंह ने उन्हें जबलपुर के बंगले पर बुलाकर अपमानित किया। उन्होंने बताया कि जब वह स्मार्ट सिटी के सीईओ का पद संभालने के बाद कार्यालय में अनुशासन सख्त किया और उपस्थिति की जांच कराई, तो दिलप्रीत कौर भल्ला समेत छह कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए। इन सभी से जवाब मांगा गया, लेकिन संतोषजनक उत्तर न मिलने पर उनका वेतन रोक दिया गया।
22 अप्रैल को अरविंद शाह ने दिलप्रीत कौर को पूछताछ के लिए बुलाया, जिसके कुछ ही घंटों बाद मंत्री राकेश सिंह ने उन्हें अपने आवास पर तलब किया। आरोप है कि मंत्री ने उन्हें अभद्र भाषा में बात की और धमकी दी, जिससे आईएएस अधिकारी मानसिक रूप से आहत हुए।









