अनमोल बिश्नोई का आपराधिक इतिहास और गिरफ्तारी
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मुख्य सदस्य और उसके छोटे भाई अनमोल बिश्नोई का नाम भारत में कई संगीन अपराधों से जुड़ा हुआ है। 15 दिसंबर 2000 को पंजाब के अबोहर (Fazilka) में जन्मे अनमोल की उम्र अब 26 वर्ष के करीब है, लेकिन उसके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें मकोका, आतंक विरोधी कानून, रंगदारी, टारगेट किलिंग और हथियार तस्करी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
2017 में पहली गिरफ्तारी और फिर जमानत के बाद गतिविधियों में पुनः भागीदारी
अनमोल की पहली गिरफ्तारी वर्ष 2017 में हुई थी, जब उसकी उम्र महज 19 वर्ष थी। उस समय राजस्थान पुलिस ने उसे जोधपुर के एक व्यवसायी से रंगदारी मांगने और कार्यालय के बाहर फायरिंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस पर आईपीसी की धाराएं 120बी, 307 और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
7 अक्टूबर 2021 को वह जमानत पर रिहा हुआ, जिसके बाद वह फिर से गैंग की गतिविधियों में शामिल हो गया। अमेरिका से भारत लाए गए गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। जहां एनआईए ने उसकी 15 दिनों की हिरासत की मांग की, लेकिन कोर्ट ने उसे 11 दिन की एनआईए हिरासत में भेजा।
अंतरराष्ट्रीय तस्करी और भारत में बढ़ते खतरे
अनमोल बिश्नोई का जन्म अबोहर फाजिल्का में हुआ था। पुलिस और जांच एजेंसियों के अनुसार, वह 19-20 नवंबर को जयपुर से दुबई भाग गया, फिर केन्या और अंततः अमेरिका पहुंचा। मई 2022 में सिद्धू मुसेवाला की हत्या में उसकी भूमिका को लेकर भी जांच जारी है। वह विदेश में रहकर लॉजिस्टिक, हथियार और ठिकाने उपलब्ध कराने में शामिल रहा है।
अप्रैल 2023 में कैलिफोर्निया (California) के बेकर्सफील्ड (Bakersfield) में एक शादी के दौरान उसका वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद भारतीय एजेंसियों ने अमेरिका को सूचित किया। सितंबर-अक्टूबर 2024 में अमेरिका के ICE (Immigration and Customs Enforcement) ने उसे हिरासत में लिया। माना जा रहा है कि वह शादी कर निर्वासन से बचने का प्रयास कर रहा था।
अनमोल बिश्नोई पर दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामलों का आरोप है, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी और हथियार तस्करी शामिल हैं। मुंबई पुलिस उसकी प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है। जानकारी के अनुसार, बाबा सिद्दीकी की हत्या और सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी जैसे मामलों में भी उसका नाम सामने आया है।
एनआईए की वांछित सूची में भी उसका नाम भानू के नाम से दर्ज है। जांच एजेंसियों का मानना है कि उसके बड़े भाई लॉरेंस बिश्नोई के गैंग में लगभग 700 शूटर शामिल हैं। यह गैंग पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर भारत के कई हिस्सों में प्रभावशाली है।
गैंग का प्रभाव और वर्तमान स्थिति
लॉरेंस बिश्नोई का प्रभाव हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और धमकाने जैसे मामलों में देखा जाता है। उसका गैंग एक बड़े ड्रग नेटवर्क का संचालन भी करता है, और उसे भारत में एक ए श्रेणी का गैंगस्टर माना जाता है, जो सबसे गंभीर अपराधों में शामिल है। पिछले ढाई वर्षों से वह अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद है, लेकिन उसके गैंग की गतिविधियां लगातार जारी हैं।











