उज्जैन में मस्जिद के हिस्से को हटाने के बाद तनाव और हिंसा
उज्जैन में सोमवार को सड़क चौड़ीकरण के तहत शाही मस्जिद के एक हिस्से को तोड़ने की कार्रवाई के दौरान भारी तनाव फैल गया। पुलिस टीम जब मस्जिद का हिस्सा हटाने पहुंची, तो वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प हो गई। इस घटना में अब तक दस व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से पांच सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने और माहौल खराब करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए पांच अन्य लोग उज्जैन के स्थानीय निवासी नहीं हैं। आरोप है कि ये लोग बाहर से शहर में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। इस घटना के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। करीब दो हजार पांच सौ पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें आसपास के जिलों से आई पुलिस टीमें भी शामिल हैं।
मस्जिद के बाहर हिंसा और महिलाओं का प्रदर्शन
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान महिलाओं समेत भीड़ ने पुलिस टीम पर पत्थरबाजी की, जिसमें लगभग छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। बाद में मुस्लिम समुदाय की महिलाएं भी मौके पर पहुंचीं और मस्जिद का हिस्सा हटाने की कार्रवाई रोकने की मांग की। शाही मस्जिद का दावा है कि यह 100 साल से अधिक पुरानी है।
जिला प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के तहत मस्जिद का लगभग 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा प्रभावित हो रहा है। यह सड़क सिंहस्थ मेले के आयोजन के लिए चौड़ी की जा रही है। इस मामले में सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (MP High Court) की इंदौर बेंच में सुनवाई भी होनी है। पूरे इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।









