मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में आईसीयू आग लगने का मामला
मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध प्रसाद अस्पताल में हुई भीषण आईसीयू आगजनी के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही को ध्यान में रखते हुए सिविल सर्जन ने अस्पताल का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
आग की घटना और प्रशासनिक कार्रवाई
गुरुवार सुबह अस्पताल के आईसीयू में अचानक लगी आग में छह मरीजों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सिविल सर्जन के आदेश में कहा गया है कि प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि अस्पताल ने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया और आवश्यक सावधानियां नहीं बरतीं, जिसके कारण यह हादसा हुआ। इसी आधार पर अस्पताल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, अस्पताल के संचालक और प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण, आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
जिलाधिकारी और पीड़ित परिवारों की प्रतिक्रिया
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने पुष्टि की है कि प्रसाद अस्पताल का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, सात दिनों के भीतर जवाब देने के लिए नोटिस भी जारी किया गया है। घटना के पीड़ित परिवारों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। आग लगने के बाद धुआं तेजी से फैल गया, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर बाहर निकालना संभव नहीं हो पाया। इस हादसे में छह मरीजों की मौत हो गई और कई घायल अस्पतालों में इलाजरत हैं। पुलिस ने इस मामले में तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, और जांच जारी है। आगे की कानूनी कार्रवाई भी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ की जा सकती है।









