भोपाल में ट्विशा शर्मा मौत मामला: परिवार और सरकार के बीच बैठक
भोपाल की ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में बुधवार को उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की। इस बैठक में परिवार को भरोसा दिलाया गया कि राज्य सरकार इस पूरे प्रकरण में हर संभव सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) को पत्र लिखा जाएगा, ताकि जांच पारदर्शी और स्वतंत्र रूप से पूरी हो सके।
मामले की जांच और शव की सुरक्षा को लेकर सरकार का आश्वासन
सरकार ने यह भी आश्वासन दिया कि यदि परिजन चाहें तो शव को दिल्ली के एम्स अस्पताल ले जाने के लिए परिवहन की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए आवश्यक पत्र लिखेंगे। ट्विशा शर्मा, जो कि पूर्व मॉडल और अभिनेत्री थीं, 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और मानसिक शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जबकि ससुराल का दावा है कि ट्विशा नशे की आदी थीं।
हत्या या आत्महत्या? पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासे और कानूनी कार्रवाई
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया है कि ट्विशा शर्मा की मौत आत्महत्या थी, जिससे कई नए तथ्य सामने आए हैं। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 80(2), 85 और 3(5) के साथ दहेज निषेध कानून की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। जमानत मिलने के बाद गिरिबाला सिंह रिहा हो चुकी हैं, जबकि समर्थ सिंह अभी भी फरार हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं और सूचना देने वाले को दस हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है।
कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली के एम्स अस्पताल में दूसरा पोस्टमार्टम कराने की याचिका पर सुनवाई की, लेकिन कहा कि यह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि शव को सुरक्षित रखने के लिए माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तापमान वाली सुविधा की तलाश की जाए। वर्तमान में शव एम्स भोपाल की मोर्चरी में माइनस 4 डिग्री तापमान पर रखा गया है, जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि शव को सुरक्षित रखने के लिए माइनस 80 डिग्री तापमान आवश्यक है।











