शिवपुरी में सड़क हादसे ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक सड़क दुर्घटना ने राजनीतिक माहौल को गरम कर दिया है। इस हादसे में बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी की थार ने तीन व्यक्तियों को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक सवार और पैदल चल रहे लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत ही करैरा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हादसे के बाद घायल लोगों को दर्द से कराहते छोड़कर आरोपी युवक मौके से भाग निकला। जब वह बाद में पुलिस के सामने पहुंचा, तो उसकी हरकतें और बयान विवाद का कारण बन गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसने कहा कि “मैंने हॉर्न बजाया था, फिर भी उन्होंने क्यों नहीं सुना। मैं सायरन भी बजा रहा था, फिर भी तीन लोगों को क्यों लहरा रहा था।” इस बयान ने पूरे मामले को और भी जटिल बना दिया है।
हादसे के बाद बढ़ा विवाद और राजनीतिक आरोप
घटना के बाद यह पता चला कि जिस थार से दुर्घटना हुई, उस पर बीजेपी का नाम लिखा हुआ था। तेज रफ्तार से आई कार ने सड़क पर चल रहे लोगों को टक्कर मारी, जिससे वे घायल हो गए। हादसे के बाद चालक मौके से भाग निकला, लेकिन बाद में पुलिस के साथ पहुंचने पर दिनेश लोधी का व्यवहार विवादित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि उसने पीड़ितों से माफी मांगने के बजाय उन्हें धमकाया।
यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा का मामला है, बल्कि पिता-पुत्र के बीच पुराने विवादों को भी उजागर कर रही है। इससे पहले भी दिनेश लोधी कई विवादों में फंसे रहे हैं। 2023 में विधानसभा चुनाव के दौरान, जब प्रीतम लोधी ने पिछोर सीट जीती थी, उसी दिन दिनेश लोधी ने सिकंदर यादव को फोन पर धमकाया था। इसके अलावा, 2024 में ग्वालियर में उनके ऊपर पड़ोसियों को कुचलने का आरोप भी लगा था।
पिता प्रीतम लोधी का भी विवादों से नाता रहा
प्रीतम लोधी का नाम भी कई आपराधिक मामलों में सामने आया है। उनके खिलाफ पहली बार 1976 में बलवा और मारपीट के आरोप लगे थे। इसके बाद से अब तक उनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, अपहरण और घर में घुसकर मारपीट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हो चुके हैं।
2022 में ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ विवादित टिप्पणी के कारण उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) से बाहर कर दिया गया था। हालांकि, विधानसभा चुनाव से पहले उनकी पार्टी में वापसी कराई गई, जिससे उनके राजनीतिक करियर में नई जटिलताएं खड़ी हो गई हैं।










