शिवपुरी के नरवर किले से 400 साल पुरानी तोप की चोरी का खुलासा
शिवपुरी जिले के नरवर किले से लगभग 16वीं सदी की ऐतिहासिक तोप चोरी होने का मामला सामने आया है, जिसकी वज़न करीब 3.5 टन है। यह तोप लगभग चार सौ वर्षों पुरानी है और इसकीमती धरोहर मानी जाती है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। मध्य प्रदेश (MP) और राजस्थान (Rajasthan) पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करौली जिले के हिंडौन सदर थाना क्षेत्र के गावड़ा मीणा गांव से दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है।
पुलिस ने संदिग्धों से बरामद की संदिग्ध गाड़ी और जांच जारी
पुलिस ने आरोपियों के पास से उस वारदात में इस्तेमाल की गई एक संदिग्ध पिकअप वाहन भी जब्त की है। आशंका जताई जा रही है कि यदि इस ऐतिहासिक धरोहर को जल्द नहीं खोजा गया, तो अंतरराष्ट्रीय स्मगलिंग गिरोह इसे देश से बाहर भेज सकता है। जांच में पता चला है कि चोरों ने इस बड़ी चोरी को अंजाम देने के लिए पहले ही रेकी की थी। 5 जुलाई को ही किले के ‘ओपन कचहरी’ परिसर में रखी भारी तोप को गिराने का प्रयास किया गया था, लेकिन वजन अधिक होने के कारण वे उसे ले जाने में असमर्थ रहे।
चोरी की योजना और पुलिस की खोजबीन
घटना के बाद भी स्थानीय पुलिस और पुरातत्व विभाग ने सतर्कता नहीं दिखाई, जिससे बदमाशों ने 15-16 जुलाई की रात को पूरी योजना के साथ लोडिंग वाहन का उपयोग कर किले की दीवार फांदकर अंदर प्रवेश किया। उन्होंने 3.5 टन वजनी इस ऐतिहासिक तोप को लादकर फरार हो गए। सुबह जब केयरटेकर को तोप गायब मिली, तो इसकी शिकायत नरवर थाने में दर्ज कराई गई। तकनीकी निगरानी और मोबाइल लोकेशन ट्रेसिंग के माध्यम से मध्य प्रदेश (MP) पुलिस की टीम करौली पहुंची और सर्च ऑपरेशन चलाया।











