ग्वालियर में महिला का एकतरफा तलाक का मामला सामने आया
ग्वालियर के कुटुंब न्यायालय में एक हैरान कर देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसमें एक महिला ने अपने पति की सगी बहन को ही दूसरी पत्नी घोषित कर कोर्ट से एकतरफा तलाक प्राप्त कर लिया। महिला ने अपने पति और परिवार की तस्वीर को सबूत के रूप में प्रस्तुत किया, जिससे कोर्ट को भ्रमित कर दिया गया और उसने तलाक की मंजूरी दे दी।
पति ने कोर्ट के फैसले को चुनौती दी और सच्चाई का खुलासा किया
जब पति को इस फैसले की जानकारी मिली, तो उसने दस्तावेजों का गहन निरीक्षण किया और पता चला कि महिला ने धोखे से कोर्ट को गुमराह किया है। अब उसने ग्वालियर हाईकोर्ट में इस एकतरफा तलाक के फैसले को चुनौती दी है, आरोप लगाते हुए कि पत्नी ने जानबूझकर झूठ का सहारा लिया है। इस मामले की सुनवाई अब हाईकोर्ट करेगा, जिससे पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश हो सकता है।
संबंधित जानकारी और घटनाक्रम
यह मामला ग्वालियर की एक 40 वर्षीय महिला का है, जिसकी शादी वर्ष 1998 में हुई थी। उसका पति एक मार्केटिंग कंपनी में अधिकारी है और अक्सर अपने काम के सिलसिले में बाहर रहता है। इन कारणों से दोनों के बीच मतभेद बढ़ते गए और वर्ष 2015 में महिला अलग रहने लगी। महिला लगभग दस वर्षों से पति से तलाक चाहती थी, लेकिन पति इसके लिए तैयार नहीं था। अंततः वर्ष 2021 में उसने कुटुंब न्यायालय में तलाक की अर्जी दी, जिसमें उसने बताया कि उसका पति दूसरी शादी कर चुका है।
महिला ने कोर्ट में अपने पति और परिवार की तस्वीर को सबूत के रूप में पेश किया, जिसमें पति अपने सगे परिवार के सदस्यों के साथ खड़ा था। उसने उस तस्वीर में मौजूद अपनी सगी बहन को उसकी दूसरी पत्नी घोषित कर दिया।
अप्रैल में जब पति को इस फैसले की जानकारी मिली, तो उसने सारे रिकॉर्ड खंगाले और पाया कि महिला ने उसकी बहन को दूसरी पत्नी बताते हुए एकतरफा तलाक का आदेश हासिल किया है। अब पति ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उसने आरोप लगाया है कि पत्नी ने धोखे से कोर्ट को गुमराह किया है। इस पूरे मामले की सुनवाई हाईकोर्ट करेगा, जिससे सच्चाई का पता चल सकता है।









