मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य जांच का अनूठा प्रयोग
मध्य प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य को लेकर हाल ही में एक नई पहल देखने को मिली है, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया है। रीवा (Rewa) के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठकों के दौरान, अधिकारियों की स्वास्थ्य जांच का अनूठा तरीका अपनाया गया। इस कदम का उद्देश्य कर्मचारियों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना और गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाना था।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों का शुगर टेस्ट अनिवार्य
मध्य प्रदेश के मैहर (Maihar) और सतना (Satna) जिलों में आयोजित समीक्षा बैठकों के दौरान, अधिकारियों और कर्मचारियों के ब्लड शुगर स्तर की जांच का प्रावधान किया गया। बैठक से पहले ही, सभागार में प्रवेश करने वाले सभी कर्मचारियों को ग्लूकोमीटर से शुगर जांच करानी जरूरी कर दी गई। इस प्रक्रिया में अधिकांश कर्मचारियों ने भाग लिया, जबकि कुछ ने बिना जांच कराए ही बैठक में हिस्सा लिया। इस कदम का मकसद कर्मचारियों की सेहत का ध्यान रखना और उन्हें जागरूक बनाना था।
स्वास्थ्य जांच के परिणाम और आगे की दिशा
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक कुल 39 अधिकारियों और कर्मचारियों की शुगर जांच की गई है। इनमें से पांच का ब्लड शुगर स्तर सामान्य से अधिक पाया गया है। इन कर्मचारियों को चिकित्सकीय सलाह दी गई है कि वे नियमित जांच कराएं और अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखें। इस नई पहल को लेकर विभागीय गलियारों में चर्चा तेज हो गई है, और इसे स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने का सकारात्मक कदम माना जा रहा है।










