मध्य प्रदेश में खतरनाक ब्लड बैंक लापरवाही का खुलासा
मध्य प्रदेश के सतना जिले के सरकारी अस्पताल में छह बच्चों के HIV संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर मामले में जांच रिपोर्ट में संकेत मिला है कि संक्रमित रक्त चढ़ाने की संभावना है, जिससे बच्चों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। सरकार ने तुरंत ही इस लापरवाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रशासन ने लिया सख्त कदम, निलंबन और जवाब तलब
रिपोर्ट के प्रकाश में आने के बाद ब्लड बैंक के प्रभारी डॉक्टर देवेंद्र पटेल और दो लैब तकनीशियनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही जिला अस्पताल के पूर्व सिविल सर्जन मनोज शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि सिविल सर्जन का जवाब संतोषजनक नहीं होता है, तो उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों और उनके माता-पिता का स्वास्थ्य खतरे में
जानकारी के अनुसार, जनवरी से मई के बीच अलग-अलग समय पर जिला अस्पतालों में रक्त चढ़ाए गए छह बच्चों में HIV संक्रमण पाया गया है। इनमें से कुछ बच्चों को सतना और जबलपुर जैसे अन्य जिलों के सरकारी अस्पतालों में भी रक्त चढ़ाया गया था। जांच में यह भी पता चला है कि इन बच्चों के माता-पिता भी HIV संक्रमित हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आश्वासन दिया है कि सभी बच्चों का इलाज राष्ट्रीय HIV उपचार प्रोटोकॉल के अनुसार किया जा रहा है। सरकार ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और ब्लड ट्रांसफ्यूजन सिस्टम की व्यापक समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।









