22 वर्षों बाद कश्मीर से घर लौटे लापता युवक की अनोखी कहानी
प्रकृति का खेल अद्भुत और अप्रत्याशित होता है, जो कभी-कभी हमें हैरान कर देता है। ऐसी ही एक दिलचस्प घटना मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर-भोजपुर के भूमरिया गांव में देखने को मिली, जहां 22 साल पहले लापता हुए युवक का पता चला। यह युवक 2004 में अचानक घर से गायब हो गया था, और आज वह कश्मीर (Kashmir) के कुपवाड़ा (Kupwara) में मिला है। उस समय उसकी उम्र महज 22 साल थी, और उसका बेटा केवल दो साल का था। अब वह बेटा 24 साल का जवान बन चुका है, और उसकी दो साल की बेटी अपने दादू का स्वागत कर रही है।
लापता युवक का 22 साल बाद कश्मीर में मिलना और परिवार की खुशी
2004 में सुरेंद्र विश्वकर्मा नामक युवक अचानक घर से गायब हो गए थे। उनके परिवार ने दो साल तक उनकी खोजबीन की, भोजपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया। अंततः परिवार ने हार मान ली। राजगढ़ के एसपी अमित तोलानी ने बताया कि भूमरिया निवासी सुरेंद्र विश्वकर्मा 2004 में लापता हो गए थे, और उनकी गुमशुदगी भोजपुर पुलिस थाने में दर्ज थी। इस बीच वह खानाबदोश जीवन जी रहे थे और श्रीनगर (Srinagar) के एक मेंटल हॉस्पिटल (Mental Hospital) में उपचाराधीन थे। जब श्रीनगर पुलिस को उनके बारे में पता चला, तो उन्होंने भोजपुर पुलिस से संपर्क किया। वीडियो कॉल के माध्यम से उनकी बातचीत कराई गई, जिससे परिवार को उनके बारे में जानकारी मिली।
परिवार की खुशी और युवक का पुनर्मिलन
सरपंच प्रतिनिधि लालू ने बताया कि सुरेंद्र विश्वकर्मा भूमरिया के रहने वाले हैं, और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण 22 साल पहले घर छोड़ गए थे। शुरुआत में उनकी तलाश की गई, लेकिन जब कोई पता नहीं चला, तो परिवार ने उन्हें भूल ही गया। जब पता चला कि वह श्रीनगर के मेंटल हॉस्पिटल में हैं, तो गांव वालों ने उन्हें वापस लाने का प्रयास किया। इस प्रयास में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) का भी सहयोग मिला। अंततः, सुरेंद्र को कुपवाड़ा (Kupwara) पहुंचाया गया। जब वह घर लौट रहे थे, तो गांव वालों ने देखा कि वह पहले जोधपुर (Jodhpur) गए थे, लेकिन बाद में कुपवाड़ा पहुंच गए। वहां कुछ दिन पुलिस कस्टडी में रहने के बाद, उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुरेंद्र की पत्नी विप्पदा ने बताया कि उनके भाई ने उनके पति को खोजा। घर लौटने पर, उनके बेटे दीपक (24 वर्ष) ने कहा कि उसने अपने पिता को कभी देखा नहीं था, केवल तस्वीरें ही देखी थीं। वीडियो कॉल के दौरान सुरेंद्र ने अपने ससुर (दीपक के नाना) को पहचान लिया। घर पहुंचने पर, सुरेंद्र की दो साल की पोती ने पूछा, “दादू कैसे हो?” तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।











