मध्य प्रदेश के डिंडौरी में प्रशासनिक लापरवाही का मामला
डिंडौरी (Dindori) जिले के मुख्यालय से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो सरकारी व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जनसुनवाई के दौरान एक आवेदक को घिसटते हुए कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचना पड़ा। इस दृश्य को देखकर सुरक्षा कर्मियों ने उसे उठाने का प्रयास भी किया, लेकिन स्थिति नहीं सुधरी।
आवेदक की पीड़ा और प्रशासनिक उदासीनता
आवेदक गुस्से में था और अपनी समस्या जोर-शोर से व्यक्त कर रहा था। मौके पर मौजूद जिला पंचायत के सीईओ ने उसकी मदद करते हुए उसे कुर्सी पर बिठाया और उसकी बात सुनी। उमेश्वर सिंह ठाकुर का आरोप है कि वर्षों से उसकी जमीन का सीमांकन नहीं हो रहा है। उसकी पैतृक जमीन पर चाचा ने कब्जा कर लिया है, और वह कई बार आवेदन कर चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
मामले की गंभीरता और प्रशासन का रवैया
राजस्व विभाग के अधिकारी और पटवारी भी उसकी फरियाद सुनने को तैयार नहीं हैं। मजबूर होकर उसे अपनी पीड़ा बताने के लिए घिसटते हुए जनसुनवाई में आना पड़ा। जिला पंचायत के सीईओ दिव्यांशु चौधरी ने आश्वासन दिया कि कार्रवाई की जाएगी। आवेदक ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में न्याय नहीं मिला, तो वह अपने पूरे परिवार के साथ सड़क पर उतरकर हड़ताल करेगा।










