आगर-मालवा में 3800 करोड़ रुपये की खाद्य प्रसंस्करण परियोजना का शुभारंभ
मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में एक बड़ी आर्थिक पहल के तहत 3800 करोड़ रुपये की मैक्केन फूड (McCain Foods) परियोजना शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में वर्चुअल माध्यम से इस महत्वपूर्ण घोषणा को साझा किया। इस परियोजना से लगभग दो हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जो जिले के युवाओं और किसानों के लिए नई उम्मीदें लेकर आएगा। साथ ही, इस कदम का उद्देश्य जिले में आलू प्रसंस्करण उद्योग, पशुपालन और जैविक खेती को बढ़ावा देना है।
आलू उद्योग और रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने बताया कि लालूखेड़ी में 200 करोड़ रुपये की लागत से आलू प्रसंस्करण उद्योग की स्थापना की जा रही है, जो क्षेत्र में आलू की खेती को प्रोत्साहित करेगा। इससे स्थानीय किसानों को अपने उत्पाद को बेहतर मूल्य पर बेचने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही, आगर-मालवा जिले के किसान भी इस उद्योग से जुड़कर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। इस परियोजना का उद्देश्य किसानों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जोड़ना और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
कृषि और पशुपालन में नई पहलें
मुख्यमंत्री ने गेहूं की खरीद के संबंध में भी जानकारी दी कि वर्ष 2027 तक यह फसल 2700 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदी जाएगी। उन्होंने जिले में सिंचाई, बिजली और सड़क नेटवर्क की उपलब्धता पर भी प्रकाश डाला, ताकि कृषि उत्पादन में सुधार हो सके। साथ ही, आगर और सुसनेर के संतरे देशभर में भेजे जा रहे हैं, और जिले की पहचान पशुपालन और गौपालन से भी जुड़ी है। जिले में जैविक दूध उत्पादन और सांची ब्रांड का विस्तार भी हो रहा है।
आगर जिले के गौ-अभयारण्य और अन्य गौशालाओं में 20 हजार से अधिक गौवंश की देखभाल की जा रही है, जिसके लिए सरकार प्रतिदिन 40 रुपये की दर से सहायता प्रदान कर रही है। इसके अलावा, पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार योजना भी शुरू की गई है, जिसमें उत्कृष्ट पशुपालकों को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे।
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान, मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक और जैविक खेती करने वाले किसानों से भी वर्चुअल संवाद किया। उन्होंने किसानों से उनकी खेती की तकनीकों, उत्पादन और जैविक खेती के लाभों के बारे में जानकारी ली। इस तरह की पहलें किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायक हैं।











