यात्रियों का प्रदर्शन और उनके अनुभव
मुंबई से दिल्ली जा रही एक फ्लाइट में मौजूद एक यात्री ने सीजेपी (Cockroach Janta Party) नेताओं की नारेबाजी और हिरासत की घटनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उसने बताया कि विमान के उतरने के बाद भी यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। इस तरह के विरोध प्रदर्शन से सामान्य यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
विमान में मौजूद यात्रियों की प्रतिक्रिया और विरोध प्रदर्शन का असर
यात्री ने साझा किया कि वह मुंबई से दिल्ली की यात्रा कर रहा था। विमान के लैंडिंग के बाद भी उसे इंतजार करना पड़ा। इसी दौरान विमान के सामने से नारेबाजी की आवाजें सुनाई दीं। यात्री ने कहा कि उसे अभिजीत दिपके के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है और न ही यह पता था कि विमान में मौजूद लोग कौन थे।
एक वीडियो में दिखाया गया कि कैसे यात्रियों ने कहा कि वे मुंबई से दिल्ली आ रहे थे और फ्लाइट के उतरने के बाद भी उन्हें इंतजार करना पड़ा। विमान के सामने से ‘इंक़लाब ज़िंदाबाद’ के नारे लगाए गए। यात्री ने यह भी कहा कि वह अभिजीत दिपके के बारे में ज्यादा नहीं जानता और यह भी नहीं पता कि वे कौन हैं।
सामान्य जनता को हो रही असुविधा और न्यायिक व्यवस्था का महत्व
यात्री ने यह भी कहा कि कुछ लोगों के इस तरह के व्यवहार से आम जनता को परेशानी होती है। उसका सवाल था कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर यात्रियों को क्यों इंतजार कराना जरूरी है। साथ ही, उसने पूछा कि यदि वोटर लिस्ट से नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, तो क्या इस मुद्दे पर प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। इस पर उसने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट देखेगा, और यदि वोटिंग में गड़बड़ी हुई है, तो कोर्ट ही निर्णय ले सकती है।
यात्री ने यह भी कहा कि हर समस्या का समाधान सड़क पर उतरकर नहीं किया जाना चाहिए। यदि हर संगठन हर जगह प्रदर्शन करने लगेगा, तो आम जनता को होने वाली परेशानी और बढ़ जाएगी। उन्होंने सवाल किया कि यदि हर समस्या का समाधान इसी तरह प्रदर्शन से किया जाएगा, तो अदालतों की भूमिका क्या रह जाएगी।
दरअसल, सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, फिर भी संगठन के नेता दिल्ली पहुंचने का फैसला कर चुके थे।










