मध्य प्रदेश जमीन विवाद पर राजनीतिक बयानबाजी का दौर
मध्य प्रदेश में जमीन खरीद से जुड़े विवाद के बीच राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इस विवाद के केंद्र में मौजूद मोहन यादव का समर्थन करने पर अखिलेश यादव को अब विपक्षी नेताओं की आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी का समाजवाद अब केवल यादव समाज तक सीमित रह गया है और मुसलमानों के मुद्दों पर पार्टी की सक्रियता कम हो गई है।
अखिलेश यादव का विवादित बयान और ओवैसी की प्रतिक्रिया
अखिलेश यादव ने हाल ही में मध्य प्रदेश में जमीन खरीद से जुड़े विवाद को भाजपा की अंदरूनी राजनीति का हिस्सा बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव को हटाने के लिए राजनीतिक माहौल बनाया जा रहा है और यह मामला जमीन सौदों से अधिक भाजपा के आंतरिक खींचतान का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह आरोप लगाने का मकसद भाजपा के कुछ मुख्यमंत्रियों को बदलने का प्रयास है।
वहीं, इस बयान के जवाब में ओवैसी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का समाजवाद अब केवल यादव समाज तक सीमित रह गया है और पार्टी मुसलमानों के मुद्दों पर उतनी मुखर नहीं दिखती। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या भाजपा को यह जानकारी पहले से नहीं थी कि मोहन यादव रियल एस्टेट के कारोबार में हैं। ओवैसी का यह तंज उस समय आया है जब राजनीतिक माहौल गर्म है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
मामले की पूरी जानकारी और सरकार का स्पष्टिकरण
दरअसल, इस विवाद की शुरुआत एक मीडिया रिपोर्ट से हुई, जिसमें दावा किया गया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव के परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों ने उज्जैन में 137 भूखंड खरीदे हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल लगभग 168 एकड़ बताया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ये जमीनें उन इलाकों में खरीदी गई हैं जहां भविष्य में सड़क परियोजनाएं, मास्टर प्लान और सिंहस्थ 2028 से जुड़े विकास कार्य प्रस्तावित हैं।
हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद से न तो मोहन यादव और न ही उनके परिवार के किसी सदस्य ने कोई नई जमीन खरीदी है। इस तरह का दावा पूरी तरह निराधार है और सरकार का स्पष्ट मानना है कि यह राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।











