समस्तीपुर रेल मंडल के लोको पायलटों की मानवीय पहल ने बचाई चार जिंदगियां
समस्तीपुर (Samastipur) रेल मंडल के लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों ने अपनी सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए चार लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन घटनाओं में रेलवे कर्मियों ने समय रहते इमरजेंसी ब्रेक लगाकर एक मासूम बच्चे, दो महिलाओं और एक युवक को खतरे से बाहर निकाला। ये सभी लोग विभिन्न कारणों से रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर आत्महत्या का प्रयास कर रहे थे।
सतर्कता से बचाए गए मासूम और महिलाएं
पहली घटना समस्तीपुर (Samastipur) के ढेंगे और रीगा स्टेशन के बीच हुई, जब रक्सौल से दरभंगा जा रही 75230 मेमू पैसेंजर ट्रेन जैसे ही उस स्थान पर पहुंची, एक महिला अपने बच्चे को गोद में लेकर ट्रैक पर लेटी हुई मिली। ट्रेन के लोको पायलट पंकज कुमार और सहायक लोको पायलट श्रवण कुमार शर्मा ने तुरंत ही इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। दोनों कर्मियों ने नीचे उतरकर महिला को ट्रैक से हटाने का प्रयास किया, जो initially मना कर रही थी। बाद में, सहायक लोको पायलट ने बच्चे को अपनी गोद में लेकर महिला को ट्रैक से हटने के लिए प्रेरित किया। महिला ने बताया कि पति के छोड़ देने से परेशान होकर वह अपने बच्चे के साथ आत्महत्या करने आई थी। दोनों को बाद में स्टेशन लाकर ग्रामीणों के हवाले कर दिया गया।
मालगाड़ी के सामने लेटी महिला और युवक की जान बचाई
दूसरी घटना सिकटा स्टेशन के पास हुई, जब रक्सौल से चल रही मालगाड़ी वहां पहुंची। लोको पायलट मनोज कुमार और सहायक लोको पायलट मनी भूषण कुमार ने देखा कि ट्रैक पर एक महिला लेटी हुई है। भारी मालगाड़ी के बावजूद, दोनों कर्मियों ने तुरंत ही इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। इसके बाद, उन्होंने ट्रैक पर पहुंचकर महिला को समझाया और सुरक्षित स्थान पर ले जाकर ग्रामीणों के हवाले कर दिया।
तीसरी घटना 22 जून की है, जब समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन सहरसा की ओर जा रही थी। सलौना और इमली स्टेशन के बीच, लोको पायलट अभय कुमार और सहायक लोको पायलट जय प्रकाश कुमार-1 ने देखा कि एक 25 वर्षीय युवक सिर रखकर ट्रैक पर लेटा हुआ है। दोनों ने तुरंत ही ट्रेन को रोककर युवक को समझाया और ट्रैक से हटा दिया। बाद में, उसे भी ग्रामीणों के हवाले कर दिया गया।
इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि रेलवे कर्मी केवल ट्रेन संचालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाते हैं। लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों की सजगता, त्वरित निर्णय और मानवीय संवेदनशीलता के कारण चार लोगों की जान बचाई जा सकी। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ज्योति प्रकाश मिश्रा ने सभी संबंधित कर्मियों को सम्मानित किया।









