दतिया में विधानसभा उपचुनाव को लेकर हिंसक प्रदर्शन और राजनीतिक तनाव
मध्य प्रदेश के दतिया जिले में शनिवार को राजनीतिक असंतोष और आक्रोश ने हिंसक रूप ले लिया। भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा को आगामी 30 जुलाई को होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट न मिलने पर उनके समर्थकों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ झड़प हुई और नेशनल हाईवे (NH-44) पर जाम लगा दिया गया। इस घटना ने जिले में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और पुलिस कार्रवाई
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने लगभग 12 घंटे तक NH-44 पर जाम बनाए रखा। इस दौरान दतिया के पुलिस अधीक्षक (SP) और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके कारण पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। बाद में सुरक्षा बलों ने सड़क को खाली कराया और कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। इस हिंसक प्रदर्शन में 3000 से अधिक लोग शामिल थे, और स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
राजनीतिक विवाद और समर्थकों का आक्रोश
भाजपा ने शुक्रवार को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया, जिससे नरोत्तम मिश्रा के समर्थक नाराज हो गए। इस फैसले के विरोध में समर्थकों ने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया और सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और सड़क को जाम कर दिया। हालांकि, पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का प्रयोग किया। इस घटना के बाद कई पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता विरोध में इस्तीफा दे चुके हैं।










