इंदौर में ड्रग्स मामले में हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक चौंकाने वाला और चर्चा में रहने वाला मामला सामने आया है। यहां के पुलिस अधिकारियों ने कांग्रेस नेता जीतू पटवारी के सगे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को एक ड्रग्स मामले में संदिग्ध भूमिका के चलते हिरासत में ले लिया है। इंदौर के राजेंद्र नगर थाने की पुलिस इस संदिग्ध के खिलाफ आधिकारिक एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया में है। इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि खुद इंदौर के DCP नरेंद्र सिंह रावत ने की है।
पुलिस की कार्रवाई और खुलासे का क्रम
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई बुधवार रात यानी 8 जुलाई को शुरू हुई। राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर दो कथित ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके पास से 10 ग्राम प्रतिबंधित ब्राउन शुगर बरामद हुई। जब पुलिस ने इन आरोपियों से कड़ी पूछताछ की और ड्रग्स के स्रोत व नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया, तो उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया। आरोपियों ने अपने बयान में कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी का नाम लिया। इसी सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाना पटवारी को हिरासत में ले लिया और गुप्त स्थान पर रखकर पूछताछ शुरू कर दी।
परिवार का पुलिस पर आरोप और राजनीतिक विवाद
इस कार्रवाई के बाद गुरुवार को पटवारी परिवार ने इंदौर पुलिस को एक आधिकारिक आवेदन सौंपा, जिसमें कहा गया कि नाना पटवारी की गाड़ी लावारिस हालत में मिली है और उनका फोन बंद आ रहा है, जिससे उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिवार ने पुलिस से पूछा कि नाना पटवारी कहां हैं और वे किस स्थिति में हैं। कुछ ही समय बाद पुलिस ने आधिकारिक तौर पर बताया कि नाना पटवारी को हिरासत में लिया गया है।
वहीं, इस घटना के सामने आने के बाद कांग्रेस नेता जीतू पटवारी का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर मुख्यमंत्री को टैग करते हुए इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया। उन्होंने लिखा, “मुख्यमंत्री जी, इंदौर पुलिस ने मेरे भाई को बिना पूर्व सूचना के हिरासत में लेकर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि बीजेपी अब बदला ले रही है। यह रंजिश है कि जो भी सत्ता या मुख्यमंत्री के खिलाफ आवाज उठाएगा, उसे दबाने के लिए कानून का दुरुपयोग किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि वे इस राजनीतिक दबाव से डरेंगे नहीं और मजबूती से लड़ेंगे।
इस हाई-प्रोफाइल मामले के प्रकाश में आने के बाद अब कांग्रेस और बीजेपी के बीच तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई है। इंदौर पुलिस आरोपियों के बयानों और कॉल डिटेल्स (CDR) के आधार पर आगे की जांच कर रही है, जिसके बाद कोर्ट में पेशी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।










