2020 में मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार क्यों गिर गई?
साल 2020 में कमलनाथ के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश कांग्रेस सरकार के पतन के पीछे कई कारण बताए जाते हैं। इस विषय पर अक्सर चर्चाएँ होती रहती हैं। अब इस मामले में पूर्व मंत्री और सिंधिया समर्थक नेता महेंद्र सिंह सिसोदिया ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि गुना जिले के बमोरी में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में उन्होंने खुलासा किया कि कांग्रेस शासनकाल में सिंधिया का लगातार तिरस्कार किया जा रहा था। इसके पीछे तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ की ‘कपट’ नीति थी, जिसके कारण सिंधिया ने सरकार गिराने का फैसला लिया।
कमलनाथ की कथित कपटपूर्ण नीति और सिंधिया का कदम
सिसोदिया ने बमोरी में डिग्री कॉलेज के निर्माण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण वाकया साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वे बमोरी में डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी के पास गए, तो पटवारी ने उन्हें तिरस्कार भरे शब्दों में कहा, ”पंचायत स्तर पर डिग्री कॉलेज का सपना मत देखो, इसकी स्वीकृति नहीं मिलेगी।”
जब यह मामला तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के सामने रखा गया, तो उन्होंने दिखावे के तौर पर कॉलेज की स्वीकृति तो दे दी, लेकिन बजट जारी नहीं किया। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि ”कमलनाथ कपटी थे, उनके मन में खोट था, इसलिए उन्होंने बजट नहीं दिया।”
सिसोदिया ने आगे कहा कि इस तरह की छोटी-बड़ी घटनाएं और उपेक्षा की घटनाएं इकट्ठी होती गईं। अंततः ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बड़ा कदम उठाया। उन्होंने मंच से कहा, ”ऐसी घटनाएं इकट्ठी होती गईं… फिर हमारे महाराज भी कम नहीं हैं, उन्होंने भी कमलनाथ सरकार को उठाकर पटक दिया! इसके बाद शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री बनाया गया।”
बाद में डिग्री कॉलेज का पुनः स्वीकृति और युवाओं का भविष्य
सिंधिया ने बताया कि जब शिवराज सरकार में डॉ. मोहन यादव (जो वर्तमान में मुख्यमंत्री हैं) उच्च शिक्षा मंत्री बने, तो उन्होंने फिर से बमोरी में डिग्री कॉलेज की स्वीकृति दी और बजट भी आवंटित किया।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बमोरी में सरकारी डिग्री कॉलेज के शुभारंभ पर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक इमारत नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र के युवाओं और बच्चों का भविष्य संवारने का अवसर मिलेगा। यहाँ से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर निकलने वाले छात्र देश और प्रदेश में बमोरी का नाम रोशन करेंगे।









