इंदौर में राहुल गांधी सुरक्षा विवाद का कारण बना वर्मा आयोग का हवाला
इंदौर में 19 सितंबर को आयोजित होने वाले राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस ने सुरक्षा शर्तों में वर्मा आयोग की रिपोर्ट का उल्लेख किया, जिसमें 1991 में श्रीपेरंबदूर में राजीव गांधी की हत्या से जुड़ी सुरक्षा खामियों का जिक्र है। कांग्रेस का आरोप है कि यह पहली बार है जब किसी कार्यक्रम की सुरक्षा शर्तों में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या का हवाला दिया गया है।
सियासी आरोप-प्रत्यारोप और सुरक्षा का मुद्दा
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार ने राहुल गांधी की सुरक्षा वापस लेने के बाद अब उनके कार्यक्रम के दौरान उनके पिता की हत्या का हवाला देना शुरू कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी इस सुरक्षा विवाद का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ लेने के लिए कर रही है। वहीं, कांग्रेस के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी को बिना किसी बाधा के सुरक्षा मिलनी चाहिए, और आरोप लगाया कि बीजेपी ने अनुमति प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश की है।
पुलिस का दावा और सुरक्षा व्यवस्था का विवरण
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राहुल गांधी को Z-प्लस सुरक्षा प्राप्त है और आयोजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के तहत आयोजकों को जिम्मेदारी दी गई है, जिसमें भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, प्रवेश-निकासी व्यवस्था और कम से कम 1500 स्वयंसेवकों की तैनाती शामिल है। इनमें से 500 महिलाएं भी होंगी। साथ ही, सुरक्षा शर्तों में यह भी कहा गया है कि कार्यक्रम स्थल पर कोई भड़काऊ पोस्टर, बैनर या टिप्पणी नहीं लगाई जाएगी, ताकि किसी की धार्मिक या सामाजिक भावनाएं आहत न हों।









