मुस्लिम युवक ने ईद के पशु बलिदान से प्रेरित होकर धर्म परिवर्तन किया
खंडवा के महादेवगढ़ मंदिर में एक युवक ने ईद के दौरान पशुओं की बलि देखकर गहरी भावुकता महसूस की और उसने इस्लाम धर्म छोड़कर सनातन धर्म अपनाने का निर्णय लिया। इस युवक का नाम पहले बिलाल था, लेकिन अब वह विशाल के नाम से जाना जाता है। उसने अपने नए धर्म की शुरुआत में सिर मुंडवाकर स्नान किया, फिर महादेव की पूजा अर्चना की और यज्ञ-हवन भी किया। साथ ही, उसने पवित्र रामचरित मानस को माथे पर रखकर उसे नियमित पढ़ने का संकल्प भी लिया।
खिरकिया के युवक ने ईद की पशु बलि देखकर लिया सनातन धर्म अपनाने का फैसला
यह मामला हरदा जिले के खिरकिया का है, जहां बिलाल नामक युवक बचपन से ही सनातन धर्म के प्रति आकर्षित रहा है। वह परिवार के सदस्यों की तरह हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करता आया है। ईद के दौरान जब बड़ी संख्या में मूक पशुओं की बलि दी गई, तो उसकी संवेदनाएं जाग उठीं और वह बहुत विचलित हो गया। पशु क्रूरता देखकर उसने अपने पिता से कहा कि वह इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म अपना लेना चाहता है। उसने बताया कि वह खिरकिया का रहने वाला है और शुरू से ही सनातन धर्म से गहरा लगाव रखता है।
महादेवगढ़ मंदिर में युवक की घर वापसी और धार्मिक संस्कार
खंडवा के महादेवगढ़ मंदिर में पहले भी कई मुस्लिम युवक-युवतियों ने सनातन धर्म में वापसी की है। इसी परंपरा में, कल विशाल के रूप में युवक ने अपने धर्म परिवर्तन का संस्कार किया। सबसे पहले उसका सिर मुंडवाया गया, फिर उपनयन संस्कार किया गया और पवित्र जल से उसकी शुद्धि की गई। महादेवगढ़ मंदिर के संरक्षक अशोक पालीवाल ने बताया कि विशाल का 10 विधि स्नान गंगाजल, गोदुग्ध, पंचामृत, गोमूत्र, गौ गोबर, तुलसी रज, फल, धातु, पंचगव्य और कोष से करवाया गया। इसके बाद, उसने यज्ञ-हवन किया और महादेव की पूजा अर्चना की। मंदिर की ओर से उसे रामचरित मानस भी भेंट किया गया, जिसे उसने माथे पर रखकर पढ़ने का संकल्प लिया।











