मध्य प्रदेश की राजनीति में तीखी बयानबाजी का दौर जारी
मध्य प्रदेश की राजनीतिक स्थिति एक बार फिर गरमाती नजर आ रही है, जहां नेताओं के बीच विवादित बयानों का सिलसिला तेज हो गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। शुजालपुर में आयोजित एक जनसभा में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिसके बाद कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। वहीं, जीतू पटवारी ने इसे किसान के बेटों का अपमान करार देते हुए पलटवार किया है।
विवाद की शुरुआत और मुख्यमंत्री का कड़ा जवाब
यह विवाद शनिवार को सतना में हुए एक ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ, जहां जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को तंज कसते हुए ‘मोहन लाल अभिनंदन यादव’ कहकर संबोधित किया। रविवार को शुजालपुर की सभा में मुख्यमंत्री ने इस पर आक्रामक प्रतिक्रिया दी और कहा, “वह मुझे अभिनंदन लाल कहते हैं। हां, मैं अभिनंदन लाल हूं। आप टपोरी लाल और ढपोरशंख हो। जितने भी नाम आपके दिमाग में आते हैं, वे सब आप पर ही फबते हैं। जब मध्य प्रदेश में विकास होता है, तो कांग्रेस का ‘दो कौड़ी का प्रदेश अध्यक्ष’ हाय-तौबा मचाने लगता है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस का यह नेता अपनी सीट भी नहीं बचा सका, इसलिए उसे प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और आगामी चुनाव का संकेत
पटवारी ने 2023 के विधानसभा चुनाव में इंदौर की राऊ सीट से हार का जिक्र करते हुए कहा कि यह हार कांग्रेस के नेतृत्व की नाकामी का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में राहुल गांधी पर भी कटाक्ष किया और दावा किया कि विपक्ष के नेता जब भी देश संकट में होता है, तो भाग खड़े होते हैं। उन्होंने कांग्रेस के 55 साल के शासनकाल में केवल पांच मेडिकल कॉलेज होने का भी जिक्र किया और भाजपा द्वारा पिछले दो वर्षों में सात नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का दावा किया।
इसके जवाब में जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर कहा, “मैं मुख्यमंत्री जी का आभारी हूं कि उन्होंने जनता के मुद्दे उठाने पर मुझे गालियां दीं। मुझे पता है कि वह किसानों के बेटों को निकम्मा समझते हैं। यदि आप मुझे रद्दी और दो कौड़ी का कहते हैं, तो क्या किसान के बेटे भी आपके लिए रद्दी और दो कौड़ी के हैं?” उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए पूछा, “क्या ये शब्द अटल जी के लिए भी हैं?”
पटवारी ने यह भी कहा कि 2028 के विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की जनता और किसान मिलकर भ्रष्टाचार मुक्त सरकार बनाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह कभी भी गरिमा का उल्लंघन नहीं करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी मुख्यमंत्री को कड़ी निंदा करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री जैसे पद पर रहते हुए इस तरह की भाषा का प्रयोग अनुचित है। उन्हें तुरंत माफी मांगनी चाहिए।”










