मध्य प्रदेश के गोविंदगढ़ तालाब में पानी के रिसाव से हड़कंप
मध्य प्रदेश के सतना, मैहर और रीवा जिलों की सीमा पर स्थित गोविंदगढ़ तालाब में हाल ही में पानी के रिसाव की खबर से क्षेत्र में चिंता फैल गई है। इस घटना के बाद स्थानीय लोग भयभीत हो गए और स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
मंत्री और इंजीनियर के बीच तीखी बहस और जांच प्रक्रिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के पूर्व मंत्री और विधायक डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान जल संसाधन विभाग के इंजीनियर से तालाब की संरचना और तकनीकी विवरण मांगे गए, लेकिन विभाग के अधिकारी ने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। इससे विधायक नाराज हो गए और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता और डिग्रियों का उल्लेख कर विभाग के अधिकारी को जवाब दिया। विधायक ने यह भी कहा कि वे खुद इंजीनियर हैं, विदेश से पीएचडी कर चुके हैं और जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं। उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि जनता ही सबसे महत्वपूर्ण है और सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।
मामले की जांच और सुरक्षा व्यवस्था का विवरण
घटना की जानकारी मिलते ही मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के निर्देश पर अमरपाटन तहसीलदार प्रवीण त्रिपाठी और जल संसाधन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि बांध के आरडी 3750 से 3800 मीटर के बीच दो स्थानों पर मामूली जल रिसाव हुआ है, जिसे विभाग ने बहुत ही कम मात्रा में बताया है। पानी का रंग साफ और स्वच्छ पाया गया है, और रिसाव में कोई वृद्धि नहीं हुई है। प्रशासन और विभाग की टीम ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए पत्थर, कंक्रीट और सीमेंट का उपयोग कर रिसाव वाले स्थान को भरने का काम शुरू कर दिया है। विभाग के मुख्य इंजीनियर बीके मंडोले ने भी स्थिति को सामान्य बताया है और कहा है कि बांध की मेढ़ को कोई खतरा नहीं है, और रिसाव सीमा के भीतर ही है। साथ ही, विधायक डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने ग्रामीणों और जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन पूरी सतर्कता से स्थिति पर नजर बनाए हुए है।










