मध्य प्रदेश विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल का पारित होना
मध्य प्रदेश की विधानसभा में मंगलवार को यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल भारी हंगामे के बीच मंजूर कर लिया गया। इस विधेयक पर चर्चा के दौरान सदन में करीब दो घंटे तक तीव्र विरोध और हंगामा देखने को मिला। इसके बावजूद सरकार ने बहुमत के आधार पर इस बिल को पारित कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे राज्य के इतिहास में एक ऐतिहासिक घटना बताया है।
UCC बिल का पास होना राज्य के लिए ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि UCC बिल का मंजूरी मिलना राज्य के 8.5 करोड़ नागरिकों के लिए एक स्वर्णिम अवसर है। उन्होंने बताया कि यह कानून ‘एक देश, एक संविधान, एक झंडा, एक नेता’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यादव ने यह भी कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे महान नेताओं का भी इस सोच का समर्थन था। इस कानून का उद्देश्य महिलाओं को एक से अधिक शादी के कारण होने वाली परेशानियों से मुक्ति दिलाना है, साथ ही उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सरकारी सहायता भी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने पूरे प्रदेश की जनता को इस ऐतिहासिक फैसले पर बधाई दी। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष ने इस दौरान सदन में हंगामा किया।
कानून के प्रभाव और राजनीतिक प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सदैव तुष्टिकरण की राजनीति करती आई है, जिसके कारण धीरे-धीरे वह देश से गायब हो रही है। यादव ने सवाल किया कि कांग्रेस क्यों हिंदू और मुसलमानों के बीच फूट डालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इसी गलत सोच के कारण आजादी के समय देश का विभाजन हुआ था। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश कैबिनेट ने भोपाल के पास स्थित ऐतिहासिक शहर जगदीशपुर में हुई बैठक में UCC बिल 2026 के ड्राफ्ट को सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री ने की और बिल को अंतिम रूप दिया गया। इसके बाद इसे विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया गया, जो 24 जुलाई तक चलेगा। सरकार का मानना है कि इस कानून से समान नागरिक अधिकारों को मजबूत किया जाएगा और सामाजिक न्याय सुनिश्चित होगा।











