कूनो नेशनल पार्क में चीता माताओं का अद्भुत वात्सल्य प्रदर्शन
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से मदर्स डे के अवसर पर एक भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें चीता माताओं की ममता और संघर्ष की कहानी दिखाई गई है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे इन मादा चीता ने भारतीय धरती पर अपनी पहचान बनाई है और नई पीढ़ी को जन्म देकर इस प्रोजेक्ट को सफल बनाया है। पार्क प्रबंधन ने इस खास फिल्म के माध्यम से इन माताओं की प्रेमपूर्ण और संघर्षपूर्ण जीवनशैली को दर्शाने का प्रयास किया है।
मादा चीता की ममता और शावकों का जीवन
वीडियो की शुरुआत कूनो नेशनल पार्क के ‘टिटोली प्रवेश द्वार’ की सुंदर तस्वीरों से होती है। इसमें मादा चीता अपने नन्हे शावकों को प्यार से चाटते और उन्हें सुरक्षा का एहसास कराते हुए देखा जा सकता है। शावकों की खेल-कूद और पेड़ों पर चढ़ने की कोशिशें इस बात का संकेत हैं कि प्रोजेक्ट चीता की सफलता का आधार इन नन्हे जीवों का स्वस्थ और सुरक्षित विकास है। कई दृश्यों में मादा चीता अपने पूरे परिवार के साथ जंगल में घूमती नजर आ रही हैं, और शावकों को शिकार के लिए तैयार करती भी दिख रही हैं।
प्रोजेक्ट चीता की सफलता और चुनौतियां
डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में इस अभियान ने भारत में चीता प्रजनन में नई उम्मीदें जगा दी हैं। अब देश में चीते की कुल संख्या 57 तक पहुंच चुकी है, जिसमें से 50 कूनो नेशनल पार्क में हैं। हालाँकि, 12 मई को एक दुखद खबर आई, जब पार्क में जन्मे चार शावकों में से सभी मृत पाए गए। इसके बावजूद, फील्ड टीम और डॉक्टरों की मेहनत से यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में इन चीते और उनके शावकों का वास लगभग 5000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में है, जिसमें 15 चीते स्वतंत्र रूप से जंगल में घूम रहे हैं। यह सफलता भारतीय पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो इस प्रजाति को भारतीय माहौल में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रसर है।











