इंदौर में पाकिस्तान मूल की महिला ने पति के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की
इंदौर में एक पाकिस्तानी महिला ने अपने पति के खिलाफ मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (High Court of Madhya Pradesh) की इंदौर खंडपीठ में शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि उसका पति पाकिस्तान का नागरिक है और वीजा समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से भारत में रह रहा है। इसके साथ ही, वह बिना तलाक लिए दूसरी शादी करने की योजना बना रहा है।
शादी के बाद से ही पति पर अवैध प्रवास का आरोप
निकिता और विक्की की शादी वर्ष 2020 में हुई थी। महिला का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान विक्की उसे कोविड का बहाना बनाकर अटारी (Attari) बॉर्डर पर छोड़कर भारत वापस लौट गया। उसके बाद से वह कभी भी संपर्क में नहीं आया। महिला ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन विक्की और उसके परिवार ने कोई जवाब नहीं दिया।
निकिता के वकील दिनेश रावत के अनुसार, इस मामले को सामाजिक अदालत (Social Court) में भी उठाया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अंततः, महिला ने सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोटवानी (Kishore Kotwani) के माध्यम से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।
हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किए
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और राज्य सरकार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। अदालत ने विक्की की दूसरी शादी पर अस्थायी रोक लगाते हुए कहा कि वह बिना कोर्ट की अनुमति के विवाह नहीं कर सकता।
विक्की नागदेव ने भी मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा। उनका दावा है कि कोरोना काल में निकिता को पाकिस्तान भेजा गया था और बाद में कई बार बुलाया भी गया, लेकिन उसने पांच वर्षों तक कोई संपर्क नहीं किया।
विक्की का यह भी कहना है कि वह इंदौर में लॉन्ग टर्म वीजा (Long Term Visa) पर रह रहा है और पुलिस ने उसके सभी दस्तावेज सही पाए हैं। साथ ही, उन्होंने बताया कि सिंधी समाज पंचायत (Sindhi Society Panchayat) में तलाक का मामला भी लंबित है। विक्की ने कहा कि हाईकोर्ट का जो भी फैसला होगा, वह उसे स्वीकार करेंगे।











