मुंबई में साइबर ठगों ने रिटायर्ड बैंक अधिकारी को ठगा
मुंबई में साइबर अपराधियों ने एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी और उसकी पत्नी को तीन दिनों तक वीडियो कॉल के माध्यम से बंधक बनाकर करीब 50.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। इन ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी दी। पुलिस की तफ्तीश के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके बैंक खातों का इस धोखाधड़ी में इस्तेमाल हुआ था।
फर्जी एफआईआर और धमकी देकर ठगी का खेल
अपराधियों ने पीड़ित को एक नकली एफआईआर दिखाकर कहा कि उनके बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन हुआ है। बाद में, एक आरोपी ने खुद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का आईपीएस अधिकारी बताकर कहा कि उनके ऊपर नजर रखी जा रही है। इस दौरान, दोनों को लगातार तीन दिनों तक वीडियो कॉल के जरिए बंधक बनाकर रखा गया।
धोखाधड़ी के पीछे का तरीका और गिरफ्तारी
ठगों ने पूछताछ के बहाने पीड़ित से उनके बैंक और फिक्स्ड डिपॉजिट की जानकारी ली और कहा कि सत्यापन के लिए रकम ट्रांसफर करनी होगी। डर के कारण, रिटायर्ड बैंक अधिकारी ने 50.5 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। पैसे जाने के बाद, ठगों ने संपर्क तोड़ लिया। जांच में पता चला कि 29.5 लाख रुपये एक म्यूचुअल फंड खाते में भेजे गए थे। पुलिस ने उस खाते के धारक रवि आनंदा अंबोरे (35) को उल्हासनगर से गिरफ्तार किया। उसकी जानकारी पर, पुलिस ने दूसरे आरोपियों विश्वपाल और चंद्रकांत जाधव (37) को भी पकड़ लिया, जिनके खातों का इस्तेमाल सात राज्यों में हुई ठगी में हुआ था।










