मध्य प्रदेश की भोजशाला का विवादित मामला और उसका प्रभाव
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला को हिंदू मंदिर मानते हुए हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के लिए अलग जमीन की मांग का विकल्प दिया है। अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की 98 दिनों की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कहा कि यह स्थल देवी वाग्देवी की पूजा और संस्कृत शिक्षा का केंद्र रहा है। इस फैसले के बाद अयोध्या के विवाद के समान ही काशी और मथुरा के मंदिरों को लेकर बहस तेज हो गई है।
भोजशाला का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व
यह मामला अयोध्या की तरह ही संवेदनशील रहा है, जहां हिंदू-मुसलमानों के बीच कई बार दंगे हुए हैं। मुस्लिम पक्ष का तर्क है कि भोजशाला परिसर को मस्जिद माना जाए, जबकि हिंदू समुदाय इसे देवी वाग्देवी का मंदिर मानता है। इतिहास और पुरातात्विक साक्ष्य भी इस स्थान को मां सरस्वती का मंदिर बताने का समर्थन करते हैं।
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित इस स्थल का नाम राजा भोज के नाम पर पड़ा है, जो हिंदू धर्म में विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती के भक्त थे। इतिहास में उल्लेख है कि 1034 में राजा भोज ने यहां संस्कृत महाविद्यालय की स्थापना की थी, जिसे बाद में भोजशाला कहा गया। इस स्थान पर मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित थी, जिसे हिंदू समुदाय ने पवित्र माना।
मस्जिदों का निर्माण और पुरातात्विक साक्ष्य
1305 में खिलजी ने इस स्थल को निशाना बनाया, और बाद में 1401 में दिलावर खान गौरी ने यहां मस्जिद का निर्माण कराया, जिसे कमाल मौला मस्जिद कहा गया। 1514 में महमूद शाह खिलजी ने भी एक मस्जिद का निर्माण किया। पुरातात्विक सर्वेक्षण में पाया गया कि इन मस्जिदों के अंदर हिंदू प्रतीक और शिलालेख मौजूद हैं, जो संकेत देते हैं कि ये स्थल पहले मंदिर रहा होगा।
अंग्रेजों ने भी इस स्थल का खुद सर्वेक्षण किया था, जिसमें उन्हें मां सरस्वती की एक प्रतिमा मिली थी, जिसे ब्रिटिश म्यूज़ियम में रखा गया है। 2024 में कोर्ट के आदेश पर ASI ने फिर से इस स्थल का सर्वे किया, जिसमें 10वीं और 11वीं शताब्दी के सिक्के मिले, जो इस स्थान के प्राचीन होने का प्रमाण हैं।
अब हाईकोर्ट ने इन सब साक्ष्यों के आधार पर धार की भोजशाला को मंदिर माना है, जो अयोध्या के बाद दूसरा ऐसा मामला है। सवाल उठता है कि क्या बाकी मामलों में भी इसी तरह का फैसला आएगा, खासकर उन मामलों में जहां हिंदू समुदाय का दावा है कि प्राचीन मंदिरों को तोड़कर मस्जिदें बनाई गई हैं।










