भारत में भीषण गर्मी के बीच पारंपरिक उपायों का महत्व
भारत में तेज़ गर्मी और लू के प्रकोप के बीच, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गर्मी से निपटने के लिए पारंपरिक और प्राकृतिक उपायों को अपनाने पर जोर दिया है। उन्होंने सुझाव दिया कि हीटवेव के दौरान एयर कंडीशनिंग (AC) का प्रयोग करने के बजाय अपने साथ प्याज़ रखने से राहत मिल सकती है। सिंधिया ने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि उनकी ‘चंबल की त्वचा’ इस तरह के तापमान का सामना करने में मददगार साबित होती है।
सिंधिया की अनूठी सलाह और पारंपरिक उपायों का महत्व
मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक सार्वजनिक सभा के दौरान, सिंधिया ने कहा कि जब तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचता है, तो वे अपने पारंपरिक उपायों पर भरोसा करते हैं। उन्होंने अपने साथ प्याज़ रखने की सलाह दी और कहा कि इससे गर्मी से राहत मिलती है। सिंधिया ने यह भी बताया कि आज के दौर में लोग अपने जेब में प्याज़ रखते हैं और यह पुरानी परंपराओं का हिस्सा है, जिसे हमें नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आयुर्वेद के बढ़ते प्रभाव के साथ इन पारंपरिक उपायों का महत्व और भी बढ़ जाता है।
मौसम विभाग की चेतावनी और भारत में तापमान का रिकॉर्ड
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, भारत के अधिकांश इलाकों में इस समय अधिकतम तापमान 40 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच है। कुछ स्थानों पर तापमान पहले ही चरम पर पहुंच चुका है, जैसे अकोला में 46.9 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। विभाग ने हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और गुजरात जैसे राज्यों में लू की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में तापमान और लू की तीव्रता के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर 28 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है।









