मध्य प्रदेश में सरकारी दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल
मध्य प्रदेश के जबलपुर में सरकारी अस्पतालों में दी जा रही दवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। विशेष रूप से बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाले पैरासिटामोल सिरप (Paracetamol Syrup) के सैंपल भोपाल की लैब में जांच के दौरान फेल हो गए हैं। इस खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत ही उस बैच पर प्रतिबंध लगा दिया है।
जांच के बाद मिली रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
जबलपुर जिले में बैच नंबर 41507 की पैरासिटामोल दवा की आपूर्ति की गई थी, जिसे इंदौर की मेसर्स जेनिथ ड्रग्स लिमिटेड ने बनाया था। यह कंपनी एक साल पहले जबलपुर के जिला अस्पताल को यह सिरप सप्लाई कर चुकी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ नवीन कोठारी का कहना है कि सामान्यतः दवाओं की आपूर्ति पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही की जाती है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर हर बार दवा का सैंपल जांच के लिए भेजा जाता है।
सैंपल जांच में फेल होने का मामला पहली बार नहीं
भोपाल की प्रयोगशाला में भेजे गए पैरासिटामोल सिरप का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट आने में एक साल का समय लगा। जब रिपोर्ट आई, तो पता चला कि इस सिरप का परीक्षण फेल हो गया है। इसके परिणामस्वरूप, सभी अस्पतालों, उप स्वास्थ्य केंद्रों और संजीवनी क्लीनिक में इस बैच की पैरासिटामोल पेडियाट्रिक ओरल सस्पेंशन के वितरण पर रोक लगा दी गई है। साथ ही, सिरप के स्टॉक की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं।











