छह वर्षों में शादी, तलाक का मुकदमा और फिर सुखद अंत
एक जोड़े ने अपने जीवन के छह वर्षों में कई उतार-चढ़ाव देखे और जिए। शादी के बाद शुरू में खुशियों का माहौल था, लेकिन धीरे-धीरे उनके बीच मतभेद बढ़ने लगे। अदालत में तलाक की याचिका दायर होने के बावजूद, उस महिला की मासूम मुस्कान ने रिश्तों में आई खटास को मिटा दिया। उसकी यह मुस्कान ऐसी थी कि उसने पति के साथ गले मिलकर सभी गिले-शिकवे और आंसुओं के सैलाब को बहा दिया।
तलाक के दौरान भावुक पल और हृदय परिवर्तन
शिखा, जो अपने पति सौरभ से तलाक के लिए कोर्ट में लड़ रही थी, अचानक ही अपने पति से गले लगकर रोने लगी। उस समय उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे और उसने तलाक के कागज भी फाड़ दिए। इस घटना ने सभी को चौंका दिया। सौरभ का विवाह शिखा के साथ 2020 में हुआ था, लेकिन कुछ ही महीनों में दोनों के बीच मतभेद शुरू हो गए। इसके बाद, सौरभ पर दहेज प्रताड़ना का झूठा मुकदमा भी दर्ज किया गया।
पिता की बीमारी ने बदली कहानी, फिर आया सुखद अंत
पांच साल से चल रहे इस मुकदमे में वकीलों की जटिल कानूनी प्रक्रिया ने शिखा के पिता की जमा पूंजी को खत्म कर दिया। तनाव और आर्थिक तंगी के कारण उनके पिता को हार्ट अटैक भी आया। शिखा ने अपने पिता को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जब सौरभ को यह पता चला, तो वह अपने ससुर को बेहतर अस्पताल में ले गया। समय पर इलाज से उनके पिता ठीक हो गए। कोर्ट के बाहर का वह पल बहुत भावुक था, जब शिखा और सौरभ ने मिलकर अपने रिश्ते को फिर से मजबूत करने का फैसला किया। जज साहब ने पूछा कि क्या सौरभ तलाक देना चाहता है, तो उसने मुस्कुराते हुए हां कहा। उसी समय, शिखा ने तलाक के कागज फाड़ दिए और अपने पति के साथ गले मिलकर रोने लगी। इस घटना ने सभी को भावुक कर दिया और उनके रिश्ते में नई उम्मीद जगी।










