जबलपुर के मुजावर मोहल्ले में दर्दनाक हादसा
जबलपुर के मुजावर मोहल्ले में एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। यहाँ की चुप्पी के बीच अचानक आई चीखें पूरे माहौल को सिहराने वाली थीं। तीन युवा दोस्तों सोहिल, साहिल और साबिर की यादें अब केवल स्मृतियों में ही रह गई हैं।
यह घटना 16 से 18 वर्ष की उम्र के इन युवाओं की जिंदगी का अंतिम अध्याय बन गई। जैसे ही उनका शव एक साथ मुजावर मोहल्ले से निकला, तो हर किसी का दिल पिघल गया। इन तीनों का अंतिम संस्कार सूपाताल कब्रिस्तान में एक ही स्थान पर किया गया, जहां उनके परिजन अपने इकलौते बेटों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
मृतकों की दुखद कहानी और परिजनों का आक्रोश
यह तीनों युवक अपने-अपने गरीब माता-पिता की अकेली संतान थे। जिन माता-पिता ने खून-पसीने की कमाई से अपने बच्चों को पाला-पोसा, आज वे अपने इन बेटों को अंतिम विदाई दे रहे हैं। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है।
मामले की जांच जारी है, लेकिन परिजनों का आरोप है कि जब ये बच्चे पानी में डूब रहे थे, उस समय वहां मौजूद गोताखोर और नाविक मदद के बजाय पैसे की मांग कर रहे थे। घटना के दौरान मदद के लिए आए इन लोगों ने पहले पैसे मांगे, जबकि बच्चे जीवन और मौत के बीच जूझ रहे थे।
नाविकों और गोताखोरों की लापरवाही का मामला
यह हादसा नर्मदा नदी के दद्दा घाट पर हुआ था, जब मुहर्रम की छुट्टी थी। सोहिल का पैर गहरे पानी में फंस गया, और वह डूबने लगा। उसके दोस्तों साहिल और साबिर ने उसकी मदद करने का प्रयास किया, लेकिन दोनों भी पानी में डूब गए। परिजनों का आरोप है कि उस समय मौजूद नाविक और गोताखोर मदद के बजाय पैसे की मांग कर रहे थे।
पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। सीएसपी आशीष जैन का कहना है कि यदि आरोप सही पाए गए, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारी इंसानियत और संवेदनाएं पैसों के आगे इतनी गिर चुकी हैं कि मदद करने वाले भी लालच में आ गए।










