प्रयागराज कुंभ मेले में वायरल हुई युवती का प्रेम और उम्र विवाद
प्रयागराज के कुंभ मेले में अपनी आंखों की खासियत के कारण सोशल मीडिया पर चर्चा में आई महेश्वर की युवती अब प्रेम विवाह और उसकी उम्र को लेकर सुर्खियों में है। उसने अपने पति फरमान खान पर दर्ज अपहरण के मामले को चुनौती देते हुए इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में उसने खुद को बालिग बताते हुए अपने जन्मतिथि में हुई गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
वायरल वीडियो और प्रेम कहानी का विस्तार
महेश्वर (खरगोन जिला) की यह युवती प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेले के दौरान माला बेचते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। उसकी सरलता और आंखों की विशेषता को लेकर बने वीडियो तेजी से इंटरनेट पर फैल गए, जिससे वह रातों-रात चर्चा का विषय बन गई। बताया जाता है कि वायरल होने के बाद उसे फिल्म में काम करने का प्रस्ताव भी मिला था।
फिल्म की शूटिंग के दौरान उसकी मुलाकात उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी फरमान खान से हुई। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और फिर प्रेम संबंध स्थापित हो गए। इसके बाद 11 मार्च 2026 को दोनों ने तिरुवनंतपुरम के अरूमानूर श्री नैनार देवा मंदिर में विवाह कर लिया।
पिता का आरोप और कोर्ट में नई याचिका
युवती के पिता ने महेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटी नाबालिग है और फरमान खान ने उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। उन्होंने अपहरण और जबरदस्ती शादी का मामला दर्ज कराया है। इसके आधार पर पुलिस ने फरमान खान की तलाश शुरू कर दी है।
वहीं, इस पूरे मामले में नई जानकारी सामने आई है। युवती के वकील बीएल नागर ने इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है, जिसमें मध्य प्रदेश शासन, डीजीपी (मध्य प्रदेश और केरल) और युवती के पिता को पक्षकार बनाया गया है। याचिका में कहा गया है कि युवती की असली जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 है, जिसे आधार कार्ड और वोटर आईडी पर भी दर्शाया गया है।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि 1 जनवरी 2009 की जन्मतिथि वाला प्रमाण पत्र गलत तरीके से तैयार किया गया है ताकि युवती को नाबालिग दिखाया जा सके। हाईकोर्ट से निष्पक्ष जांच और सही जन्म प्रमाण पत्र की मांग की गई है।
इस मामले की अगली सुनवाई का इंतजार सभी को है, क्योंकि सोशल मीडिया पर इस विवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक ओर प्रेम विवाह को लेकर बहस चल रही है, तो दूसरी ओर युवती की उम्र और दस्तावेजों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना है कि हाईकोर्ट इस मामले में क्या निर्णय लेता है।










