इंदौर में राखी के दिन परिवारिक विवाद में हत्या का मामला
राखी का त्योहार भाई-बहन के संबंधों को मजबूत बनाने का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस बार इंदौर (Indore) में एक परिवार के बीच हुई हिंसक झड़प ने सभी को चौंका दिया। राऊ थाना क्षेत्र के न्यू नेहरू नगर में 21 वर्षीय वंदना पटेल (Vandana Patel) की हत्या कर दी गई, और उसका शव एक बंद मकान के बाहर पानी के हौज में पाया गया। शरीर पर चाकू के निशान पाए गए हैं, और प्रारंभिक जांच में यह मामला हत्या का ही संकेत दे रहा है।
हत्या का कारण और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही राऊ थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें मृतका की जेठानी पार्वती बाई कुशवाह (Parvati Bai Kushwaha) की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं। फुटेज में वह अपने पति भूपेंद्र पटेल (Bhupendra Patel) के साथ घर से निकलती दिखी। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर उसे अरबिंदो अस्पताल से हिरासत में ले लिया।
पुलिस की जांच में पता चला कि वंदना और पार्वती के बीच उसके भाई को लेकर विवाद हुआ था। पार्वती का भाई दामोह (Damoh) जेल में दुष्कर्म के मामले में बंद है। आरोप है कि रक्षाबंधन के दिन वंदना ने पार्वती के भाई को लेकर कोई टिप्पणी कर दी थी, जिससे दोनों के बीच कहासुनी हो गई। बात बढ़ते-बढ़ते हिंसक रूप ले ली, और पार्वती ने गुस्से में आकर चाकू उठाया। उसने वंदना की गर्दन पर दो बार वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी का प्रयास और पुलिस का खुलासा
हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने का प्रयास किया। उसने शव को घर से बाहर बने पानी के हौज तक खींचकर उसमें डाल दिया। फिर वह अस्पताल पहुंची, जहां उसका पति भर्ती था, और वहां उसने उससे मुलाकात की। वंदना की गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले ही चंदन नगर थाने में दर्ज कराई जा चुकी थी।
सीसीटीवी फुटेज ने मामले का खुलासा किया, जिसमें पार्वती की गतिविधियां स्पष्ट रूप से नजर आईं। पूछताछ में उसने initially गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने फिंगरप्रिंट और सबूत दिखाए, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी के निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया गया। डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि पुलिस ने आरोपी पार्वती बाई कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया है, और मामला हत्या का दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
वंदना की मौत से उसके परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। उसकी शादी करीब एक महीने पहले ही हुई थी, और रक्षाबंधन के त्योहार के दिन हुई इस घटना ने परिवार के सभी सदस्यों को सदमे में डाल दिया है। इस घटना ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि परिवार के भीतर पनपा गुस्सा जब हिंसक रूप ले लेता है, तो उसका परिणाम कितना भयावह हो सकता है।









