इंदौर में अनिका के जीवनरक्षक इलाज पर हाईकोर्ट में सुनवाई
इंदौर में एक गंभीर बीमारी से जूझ रही मासूम बच्ची अनिका के उपचार को लेकर हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई, जिसमें सरकार पर कई सवाल उठे। 9 करोड़ रुपये की आवश्यक जीवनरक्षक इंजेक्शन की मंजूरी के लिए दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि क्या यह बच्ची भी प्रदेश की लाड़ली बहना नहीं है। इस मामले की अगली सुनवाई 22 जून को निर्धारित की गई है।
हाईकोर्ट का सरकार से सवाल और इलाज की उम्मीदें
मामले की सुनवाई के दौरान अनिका के वकीलों ने भावुक लेकिन जरूरी तर्क प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि यदि लाड़ली बहना योजना की राशि में प्रति हितग्राही केवल दो रुपये की कटौती कर दी जाए, तो अनिका के इलाज के लिए जरूरी 9 करोड़ रुपये की व्यवस्था आसानी से हो सकती है। इस तर्क पर हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा कि क्या यह बच्ची भी प्रदेश की लाड़ली नहीं है। कोर्ट ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 22 जून को तय की गई है।
अनिका की स्वास्थ्य स्थिति और इलाज की चुनौतियां
वहीं, अनिका की स्वास्थ्य स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। बच्ची कई महीनों से केवल तरल आहार पर है और उसके इलाज के लिए आवश्यक इंजेक्शन लगाने के लिए उसका वजन 13 किलो से कम होना जरूरी है। समय तेजी से गुजर रहा है और परिवार के सामने जल्द से जल्द इलाज शुरू कराने की बड़ी चुनौती है। अब तक परिवार और समाज के सहयोग से लगभग 8 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं, लेकिन अभी भी बड़ी राशि और प्रशासनिक मंजूरियों की आवश्यकता है। 22 जून की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इस मामले में बड़ा फैसला हो सकता है।










