मंदसौर के कोटड़ा बुजुर्ग में बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र के कोटड़ा बुजुर्ग गांव में आइसक्रीम खाने के बाद लगभग 12 से 14 बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति अचानक खराब हो गई। इस घटना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। बच्चों को तुरंत ही राजस्थान के भवानीमंडी (Bhawani Mandi) के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
आइसक्रीम खाने के बाद बच्चों में अचानक स्वास्थ्य समस्या
जानकारी के अनुसार, मंगलवार की शाम बच्चों को अचानक उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। परिजनों ने बताया कि बच्चों ने रोजाना आने वाले ठेले से 10 रुपये वाली आइसक्रीम खरीदी थी। कुछ ही देर में बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। ग्रामीण दान सिंह ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे आइसक्रीम बेचने वाला व्यक्ति गांव में आया था। बच्चे सामान्य रूप से उससे आइसक्रीम खा रहे थे। थोड़ी देर बाद सात से आठ बच्चों को अचानक घबराहट, उल्टी और बेचैनी महसूस होने लगी। इसके बाद परिवार वाले बच्चों को नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उन्हें भवानीमंडी के अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया गया।
बच्चों का स्वास्थ्य और जांच प्रक्रिया
सभी बच्चों की उम्र 7 से 12 वर्ष के बीच है। फूड पॉइजनिंग की आशंका के चलते उन्हें भवानीमंडी के दो निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से दो बच्चों को आईसीयू में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब अधिकतर बच्चों की स्थिति स्थिर है, लेकिन शिवम नाम के एक बच्चे की तबीयत गंभीर बनी हुई है। उसे पिछले चार से पांच दिनों से बुखार भी था, जिसकी जांच डॉक्टर कर रहे हैं।
डॉक्टरों का मानना है कि शुरुआती जांच में मामला आइसक्रीम में इस्तेमाल मावा (Khoya) के संक्रमित होने से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है। फूड इंस्पेक्टर को सैंपल जांच के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंचकर बच्चों का परीक्षण कर रही है। कुछ बच्चों का प्राथमिक उपचार गांव में ही किया गया है, जबकि गंभीर स्थिति वाले बच्चों को अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन और पुलिस भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।











